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    एसिड अटैक के मामले में पीड़ित की पत्नी और दोषी साथी को सात साल की सजा, 6 साल बाद कोर्ट का फैसला

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 12:47 PM (IST)

    बांदा में अपहरण कर तेजाब डालने के मामले में पीड़ित की पत्नी और उसके साथी को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई गई है। ...और पढ़ें

    कोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर।

    कोर्ट की प्रतीकात्मक तस्वीर।

    HighLights

    1. पीड़ित की पत्नी और साथी को सात साल का कारावास।

    2. अपहरण कर तेजाब डालने के मामले में न्यायालय ने सजा सुनाई।

    3. न्यायालय ने 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

    जागरण संवाददाता, बांदा। स्पेशल, डकैती कोर्ट न्यायाधीश गगन कुमार भारती ने अपहरण कर तेजाब डालकर युवक को जलाने के मामले में पीड़ित की दोषी पत्नी व उसके साथी को सात-सात वर्ष का कारावास की सजा सुनाई है।

    साथ ही 12-12 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोनों को सजायवी वारंट बनाकर जेल भेज दिया गया। घटना के पांच साल नौ माह बाद फैसला आया है।

    बबेरू कस्बा के गांव फफूंदी निवासी महेंद्र कुशवाहा ने देहात कोतवाली में 31 अक्टूबर 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि वह घटना के समय शहर के गायत्री नगर मुहल्ले में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता था। 29 अक्टूबर 2020 को उसकी पत्नी संतोषी उसे पहले से सोची समझी साजिश के तहत बीमा का पैसा दिलाने के नाम पर उसे हथौड़ा गांव ले गई। लेकिन वहां पैसा नहीं मिला।

    पत्नी संतोषी ने अपने साथी देहात कोतवाली क्षेत्र के दोहा गांव निवासी प्रधान गुप्ता उर्फ सत्यप्रकाश को बुला लिया। जहां दोनों पहले उसे बातों में उलझाए रहे। लेकिन पैसा नहीं मिला। इस बीच पत्नी संतोषी के साथी प्रधान गुप्ता ने उसे लात मारकर गिरा दिया और उसकी पत्नी ने उसके दोनों पैर बांध दिए।

    बाद में संतोषी ने तेजाब की बोतल अपने साथी को दी। प्रधान गुप्ता ने उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया, घटना के बाद दोनों चार पहिया गाड़ी में डालकर चित्रकूट की ओर ले गए। जहां पुलिया के ऊपर से पानी में उसे फेंक दिया। आरोपित पत्नी व उसके साथी के जाने के बाद वह किसी तरह पानी से निकलकर बाहर आया और सड़क से चलकर बदौसा कस्बे पहुंचा। एक वरिष्ठ नागरिक की मदद से बदौसा थाने गया।

    थाने से कहा गया कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कराओ। इससे उसने देहात कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले के तत्कालीन विवेचक विजय कुमार ओझा ने विवेचना करने के साथ आरोप पत्र छह दिसंबर 2020 को न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से छह गवाह प्रस्तुत किए गए।

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    अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने संतोषी व उसके साथी को अपहरण व एसिड अटैक का दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 12-12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।