बांदा के 24 गांवों के लिए बड़ी खुशखबरी, केन नदी पर 8.92 करोड़ रुपये की लागत से यहां बनेगा पुल, बाढ़ में नहीं कटेगा संपर्क
बांदा में पचुल्ला नाले पर 8.92 करोड़ रुपये की लागत से 45 मीटर लंबा पुल बनेगा, जिससे 24 गांवों को बाढ़ के दौरान भी निर्बाध आवागमन मिलेगा। यह पुल क्षेत् ...और पढ़ें

जमीन के भीतर पिलरों का काम पूरा। जमीन के ऊपर पुल का निर्माण तेजी से शुरू। जागरण
HighLights
8.92 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगा 45 मीटर लंबा सीमेंट कंक्रीट पुल
लोगों को मिलेगी राहत, मार्च 27 तक निर्माण कार्य पूरा कराने का लक्ष्य
नहीं जाना होगा नाव के सहारे, क्षेत्र में व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, बांदा। केन नदी में बाढ़ आने पर चहितारा-पचुल्ला मार्ग पर स्थित पचुल्ला नाले का रपटा डूब जाने से हर साल आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता था। लुकतरा, छहरांव, पचुल्ला समेत करीब 24 गांवों के लोगों को तहसील व जिला मुख्यालय पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ती थी। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों को सबसे अधिक दिक्कत होती थी। कई बार लोगों को नाव के सहारे नाला पार करना पड़ता था। अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पचुल्ला नाले पर जल्द पक्का पुल बन कर तैयार होगा।
बांदा-बहराइच (बांदा-चिल्ला-कानपुर) मार्ग से करीब छह किमी अंदर चहितारा-पचुल्ला मार्ग पर स्थित पचुल्ला नाले पर 8.92 करोड़ रुपये की लागत से 45 मीटर लंबा सीमेंट कंक्रीट पुल जल्द बनकर तैयार होगा। इसमें 15-15 मीटर के तीन गर्डर लगाए जाएंगे।
परियोजना को शासन ने 10 मार्च 2026 को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही करीब तीन करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई थी। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की देखरेख में कराया जा रहा है। पुल निर्माण का ठेका लखनऊ की एजेड इंटरनेशनल कांट्रेक्शन कंपनी को मिला है। विभाग ने पुल को नौ मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
स्थायी पुल बनने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। आसपास के गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय और प्रमुख बाजारों से संपर्क मजबूत होगा। परिवहन सुविधा बेहतर होने से रोजगार और छोटे व्यवसायों के अवसर भी बढ़ेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पुल क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सहायक अभियंता अभय कुमार की निगरानी में अवर अभियंता राकेश कुमार, रिपु सूदन और सुरेंद्र कुमार नियमित रूप से निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे।
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पचुल्ला नाले पर पुल का निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुसार तेजी पूरा कराया जाएगा। पुल तैयार होने के बाद बाढ़ के दौरान भी चहितारा-पचुल्ला मार्ग पर आवागमन बाधित नहीं होगा और आसपास के दो दर्जन गांवों के लोगों को वर्ष भर सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। कार्य प्रारंभ कराया जा चुका है।
- सतीश रावत, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, बांदा
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
हर साल बाढ़ आने पर हमारा गांव शहर से कट जाता था। मरीजों को अस्पताल ले जाने और बच्चों को स्कूल भेजने में काफी परेशानी होती थी। पुल बनने से अब पूरे साल निर्बाध आवागमन होगा और गांव के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
- घासीराम, निवासी पचुल्ला
बाढ़ के दिनों में किसानों को अपनी फसल और सब्जियां बाजार तक पहुंचाने में दिक्कत होती थी। कई बार नाले के रपटे को नाव के सहारे पार करना पड़ता था। पुल बनने से खेती-किसानी के साथ व्यापार भी आसान होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
- अश्वनी कुमार, निवासी पचुल्ला
पचुल्ला नाले पर पुल निर्माण : परियोजना के प्रमुख तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परियोजना | पचुल्ला नाले पर पुल निर्माण |
| स्थान | चहितारा-पचुल्ला मार्ग, बांदा-बहराइच मार्ग से करीब छह किमी अंदर |
| अनुमानित लागत | 8.92 करोड़ रुपये |
| स्वीकृति तिथि | 10 मार्च 2026 |
| पहली किस्त | करीब तीन करोड़ रुपये जारी |
| निर्माण एजेंसी | एजेड इंटरनेशनल कांट्रेक्शन कंपनी, लखनऊ |
| कार्यदायी विभाग | लोक निर्माण विभाग |
| पुल की संरचना | 15-15 मीटर के तीन गर्डर वाला 45 मीटर लंबा सीमेंट कंक्रीट पुल |
| निर्माण पूरा होने का लक्ष्य | नौ मार्च 2027 |