किसानों के लिए बड़ी खबर: अब घर बैठे ऑनलाइन बुक करें सब्सिडी वाला बीज, जानें पूरी प्रक्रिया
किसानों को अब सब्सिडी वाला बीज पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिससे वितरण में पारदर्शिता आएगी। अधिक आवेदन होने पर ई-लॉटरी के माध्यम से बीज का आवं ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड।
HighLights
नई व्यवस्था लागू, अधिक आवेदन पर ई-लाटरी से होगा आवंटन
कृषि विभाग की वेबसाइट पर किसान स्वयं कर सकते हैं बुकिंग
वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ये नई व्यवस्था लागू की।
जागरण संवाददाता, बांदा। किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाले बीज वितरण में अब कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मनमानी नहीं कर पाएंगे। बीज वितरण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने पहली बार आनलाइन व्यवस्था लागू की है। किसानों को बीज लेने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। आनलाइन बुकिंग के जरिए ही बीज का मिलेगा। उपलब्ध बीज के सापेक्ष आवेदन ज्यादा आने पर ई-लाटरी के माध्यम से बीज का आवंटन होगा।
जिले में कुल नौ राजकीय बीज भंडार स्थापित हैं। इनमें आठ ब्लाकों तिंदवारी, जसपुरा, बबेरू, कमासिन, बिसंडा, महुआ, नरैनी, बड़ोखर व अतर्रा स्थित हैं। इनसे जनपद के 2.63 लाख किसानों को सब्सिडी पर बीज आवंटित किया जाता है। अभी तक पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों को बीज मिलता था। शासन को शिकायतें मिल रही थीं कि कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से सांठगांठ करने वाले किसानों को आसानी से बीज प्राप्त हो जाता है, जबकि आम किसान भटकते रहते हैं। इस पर शासन ने प्रदेश में बीज वितरण की नई व्यवस्था लागू कर दी है।
इसके तहत किसान को जिला कृषि विभाग के पोर्टल पर आनलाइन आवेदन कर अपनी आवश्यकतानुसार बीज का चयन करेंगे। इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर स्वयं बुकिंग कर सकते हैं। आवेदन के बाद किसान को मोबाइल फोन पर ही बुकिंग की आनलाइन रसीद प्राप्त हो जाएगी। इसके बाद राजकीय बीज भंडार से किसानों को बीज मुहैया कराया जाएगा। बुकिंग के अनुसार बीज वितरण होने से पारदर्शिता आएगी और आम किसान को भी सब्सिडी वाला बीज मिल सकेगा।
अधिक आवेदन होने पर होगी लाटरी
लक्ष्य से अधिक आवेदन होने पर लाटरी की व्यवस्था की गई है। ताकि हर स्थिति में पारदर्शिता बनी रहे। यदि किसी भी विकास खंड में बीज के लिए आवेदनों की संख्या निर्धारित लक्ष्य (कोटा) से अधिक हो जाती है तो जिलाधिकारी की देखरेख में लाभार्थियों का चयन ई-लाटरी के माध्यम से किया जाएगा।
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आनलाइन के समय यह दस्तावेज हैं जरूरी
- आधारकार्ड या मतदाता पहचान पत्र।
- किसान पंजीकरण संख्या व विशिष्ट किसान आइडी (फार्मर आइडी)।
- भूमि के दस्तावेज (खेत का विवरण जो पोर्टल पर दर्ज हो)।
अब किसानों को आनलाइन आवेदन करने पर ही बीज मुहैया कराया जाएगा। किसानों को चाहिए कि वह बीज पाने के लिए आनलाइन आवेदन करें और सब्सिडी वाले बीज की योजना का लाभ लें।
संजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बांदा