सांस नली में दूध अटकने से दो महीने के बच्चे की मौत, बांदा में टीका लगने के बाद बिगड़ी थी हालत
बांदा में दो माह के बच्चे सत्यम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। डॉक्टरों ने श्वास नली में दूध अटकने से दम घुटना सामने आया। ...और पढ़ें

सांस नली में दूध फंसने से बच्चे की मौत।

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जागरण संवाददाता, बांदा। संदिगध परिस्थितियों में हालत बिगड़ने के बाद दुधमुंहे बच्चे की मौत हो गई। स्वजन ने आरोप लगाया कि टीका लगने के बाद उसकी हालत बिगड़ी है। जबकि चिकित्सक टीका लगने से हालत बिगड़ने की बात से इन्कार कर रहे हैं। पोस्टमार्टम में श्चांस नली में दूध अटकने से दम घुटना सामने आया है।
सिमौनी गांव के मजरा मलहा पुरवा निवासी फल्लू यादव के दो माह के पुत्र सत्यम के पिता का कहना है कि बुधवार को आशा कार्यकर्ता उर्मिला दोपहर में उनके घर आई थी।
बाद में वह उनके दुधमुंहे बच्चे सत्यम को टीका लगने के लिए पत्नी साधना के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। जहां बच्चे को पोलियो और रोटा ड्रॉप पिलाने के साथ पेंटा, पीसीवी, एफआइजीवी का टीका लगाया गया।
रात में बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ी
टीका लगने के करीब तीन चार घंटे बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो आशा कार्यकर्ता से बात की गई।आशा कार्यकर्ता ने बताया कि परेशान न होना सब ठीक हो जाएगा, लेकिन रात में हालत ज्यादा बिगड़ गई। गुरुवार सुबह जब वह बच्चे को सीएचसी बबेरू ले गए तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भाई-बहन में सबसे छोटा था सत्यम
सत्यम एक बहन व एक भाई में सबसे छोटा था। पिता ने आरोप लगाते हुए बताया टीका लगने से मेरे बच्चे की जान गई है। उधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक ऋषिकेश पटेल का कहना है कि बुधवार को तीन बच्चों की टीके लगाए गए हैं। टीका लगने से मौत नहीं हुई किसी अन्य कारण से मौत हुई होगी।
यदि टीका लगने से हालत बिगड़ती तो अन्य बच्चों की भी यही स्थिति होनी चाहिए। मामले की जांच कराई जा रही है। उधर बबेरू कोतवाली प्रभारी संजय द्विवेदी ने बताया कि मामला संदिग्ध है। मौत के कारण का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।