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    उत्तर प्रदेश की मंडियों में खुलेगी 'शबरी' कैंटीन, किसानों को मिलेगा ताजा व पौष्टिक भोजन

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 07:14 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश की मंडियों में अब किसानों और श्रमिकों को 'शबरी' कैंटीन के माध्यम से मामूली शुल्क पर ताजा व पौष्टिक भोजन मिलेगा। यह पहल उन्हें काम के दौरा ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. मंडियों में 'शबरी' कैंटीन खोलने की तैयारी शुरू।

    2. किसानों और श्रमिकों को मिलेगा ताजा व पौष्टिक भोजन।

    3. मामूली शुल्क पर भरपेट भोजन, मंडी परिषद देगा स्थान।

    जागरण संवाददाता, बांदा। कभी काम पर जल्दी जाने तो कभी काम समय से शुरू करने की जल्दबाजी में अक्सर बिना खाए श्रमिकों को घर से निकलना पड़ता है। दिन भर काम करने के बाद शाम को जब घर लौटते हैं तो कभी-कभी घर में भी उन्हें भर पेट भोजन भी नसीब नहीं होता।

    यही हाल किसानों का होता है वह अपनी उपज को बेचने के लिए दिन-रात मंडियों में अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन अब उन्हें भूखा रह कर न तो काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही किसानों को मंडियों में भूखा रहना पड़ेगा। सरकार ने मंडियों में शबरी कैंटीन खोलने की कवायद शुरू की है। अब किसानों व काम करने वाले श्रमिकों को मामूली शुल्क पर ताजा व पौष्टिक भोजन मिलेगा।

    चारों जिलों में कुल 16 कृषि मंडियां संचालित

    मंडल के चारों जिलों में कुल 16 कृषि मंडियां संचालित हैं। जिसमें 12 कृषि मंडी व चार उपकृषि मंडियां संचालित हैं। इसमें बांदा शहर समेत अतर्रा व बबेरू में कृषि मंडी और बिसंडा व खुरहंड में उपकृषि मंडियां हैं। इसी प्रकार से चित्रकूट में कर्वी व मऊ, महोबा में महोबा शहर, चरखारी में कृषि व खरेला और जैतपुर में उपकृषि मंडियां हैं।

    वहीं, हमीरपुर में मौदहा, कुरारा, भरुआ सुमेरपुर, मुस्करा व राठ में कृषि मंडियां संचालित हैं। इनमें वर्ष भर के जायद, खरीफ व रबी फसलों के बेचने के हर सीजन में प्रतिवर्ष करीब दो से ढाई लाख किसानों की आमद होती है।

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    साथ करीब दो हजार श्रमिक, पल्लेदार आदि काम पर लगे होते हैं। इसके अलावा यहां आढ़तियां भी अपनी आढ़तों का संचालन करते हैं। जहां किसानों अपनी उपज बेचते हैं।

    सरकार कृषि मंडियों में आने वाले किसानों, पल्लेदारों, आढ़तियों और श्रमिकों को कम कीमत पर स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार 'शबरी' कैंटीन शुरू कराने जा रही है।

    कैंटीन का संचालन स्वयं सहायता समूहों, सरकारी संस्थाओं तथा भोजन आपूर्ति का अनुभव रखने वाली अन्य संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा। कैंटीन संचालन के लिए मंडी परिषद बिना किसी प्रीमियम धनराशि के स्थान उपलब्ध कराएगा। वहीं पानी और 300 यूनिट तक के बिजली बिल की छूट मिलेगी।

    मामूली शुल्क पर मिलेगा थाली, कर सकेंगे भर पेट भोजन

    कैंटीन में मिलने वाली भोजन की थाली की दर मंडी परिषद द्वारा तय की जाएगी। हालांकि थाली का शुल्क बहुत ही कम लिया जाएगा। ताकि हर कोई आसानी से भोजन कर सके। लेकिन थाली का शुल्क कितना निर्धारित किया जाएगा, इस पर मंडियां परिषद ही तय करेंगी। कुल मिलाकर सरकार शबरी कैंटीन के जरिए किसानों, पल्लेदारों, श्रमिकों, आढ़तियों आदि को मामूली शुल्क पर ताजा व पौष्टिक भोजन जल्द ही उपलब्ध करवाएगी।

    शबरी कैंटीन को लेकर जानकारी हुई है, पर उसके संचालन आदि को लेकर अभी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। कुछ माह शबरी कैंटीन खोलने को लेकर जगह चिन्हित कर सूचना मांगी गई थी, जो शासन को भेज दी गई है। शासन स्तर पर जो भी निर्देश आएंगे उन्हें पूरा किया जाएगा।

    -रामनरेश, उपनिदेशक कृषि मंडी (निर्माण), चित्रकूट धाम मंडल, बांदा

    मंडियों की स्थिति एक नजर में

    जिला कृषि मंडी उपकृषि मंडी
    बांदा बांदा, अतर्रा, बबेरू बिसंडा, खुरहंड
    चित्रकूट कर्वी, मऊ  
    महोबा महोबा, चरखारी खरेला, जैतपुर
    हमीरपुर मौदहा, कुरारा, भरुआ सुमेरपुर, मुस्कुरा, राठ