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    दहेज हत्या मामले में पति और सास को सात साल की जेल, बाराबंकी कोर्ट का फैसला

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 08:42 PM (IST)

    बाराबंकी में दहेज हत्या के मामले में जिला जज ने विवाहिता के पति और सास को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पति और सास को सात-सात साल का कारावास।

    2. दहेज में मोटरसाइकिल न मिलने पर प्रताड़ना का मामला।

    3. जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव ने सुनाया फैसला, बाराबंकी।

    जागरण संवाददाता, बाराबंकी। जनपद न्यायाधीश श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव ने दहेज के लिए प्रताडित करने तथा हत्या करने के मामले में विवाहिता के पति तथा सास को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 10000 का दंड लगाया है।

    शासकीय अधिवक्ता अमित अवस्थी तथा आशीष सेन गुप्ता के अनुसार, कोतवाली टिकैत नगर के ग्राम बौद्धिक पुरवा मजरे गिदरापुर निवासी श्रमिक राम अचल रावत की लड़की नीलू देवी का विवाह सन 2022 में उदय राज रावत पुत्र इंदर रावत निवासी विद्यानगर टिकैत नगर के साथ हुआ था।

    बेटी के ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे, उसके दामाद उदय राज रावत आए दिन मोटरसाइकिल ना मिलने के कारण मारते पीटते थे। वह अपने मायके वालों को फोन पर यह सारी बातें बताती थी, तब प्रार्थी उसे समझा बुझाकर आपस में मिलकर हंसी खुशी रहने की बात कह कर शांत कर देता था, जिससे उसकी बेटी का परिवार टूटे, बिखरे नहीं, लेकिन ससुराल वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही न करने से उनके हौसले बुलंद हो गए।

    13 जनवरी 2025 को उसके दामाद उदय राज रावत उसकी माता इंदु कुमारी ने उसकी बेटी नीलू को मारा पीटा था, जिससे तंग आकर उसकी लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।

    पुलिस ने तहरीर के आधार पर उसके दामाद उदय राज रावत और माता इंदु कुमारी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करते हुए विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।

    न्यायालय पर गवाही के दौरान मृतका नीलू की मां राम रीता ने बताया कि उसकी लड़की जब मायके आने-जाने लगी तो उसने बताया था कि उसकी बेटी को दामाद और ससुराल वाले मोटरसाइकिल की मांग को लेकर के प्रताड़ित करते हैं खाना नहीं देते हैं और कहते हैं अगर मोटरसाइकिल नहीं मिली तो उसकी गला दबाकर मार डालेंगे।

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    यह बातें वह फोन से भी बताती थी, लेकिन अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए वह और परिवार के अन्य लोग बेटी को समझा बूझकर वापस भेज देते थे।

    घटना की जानकारी उसकी लड़की के ससुराल के पूर्व प्रधान ने उसके गांव के प्रधान को फोन कर बताया था कि उसकी बेटी की मौत हो गई है। जब वह और वादी मौके पर पहुंचे तो उनकी बेटी मृत अवस्था में गैलरी में लिटाई थी।

    कोर्ट में गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जिला जज श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव ने मृतका नीलू देवी के पति उदयराज रावत और सास इंदु कुमारी को घटना का दोषी पाते हुए दोनों को साथ-साथ वर्ष के कठोर कारावास और 10000-10000 रुपए से दंडित किया।