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बाराबंकी में फैमिली आईडी योजना में बड़ा पेंच, 50 हजार परिवारों के डाटा में मिला मिसमैच

Published: Wed, 05 Aug 2026 02:15 PM (IST)

बाराबंकी में फैमिली आईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया में 50 हजार परिवारों का डेटा मिसमैच पाया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. बाराबंकी में 50 हजार फैमिली आईडी डेटा मिसमैच।

  2. पात्र परिवारों की पहचान के लिए डेटा मिलान जारी।

  3. वंचितों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, बाराबंकी। राशन कार्ड से वंचित परिवारों की पहचान के लिए बनाए जा रहे फैमिली आइडी कार्ड की प्रक्रिया में करीब 50 हजार परिवारों का डाटा मिसमैच सामने आया है।

पात्र परिवारों की पहचान में पेच फंस गया है। अब बेसिक शिक्षा, विकसित भारत-‘जी राम जी’ और पूर्ति विभाग के डाटा का मिलान कर वास्तविक पात्र परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। सत्यापन में यह भी सामने आया है कि सूची में ऐसे परिवार शामिल हैं, जिनके राशन कार्ड पहले ही बन चुके हैं।

फैमिली आइडी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से ड्रेस की धनराशि पाने वाले करीब 47 हजार अभिभावकों का डाटा लिया गया है। इसके अलावा ‘जी राम जी’ योजना से जुड़े तीन हजार से अधिक श्रमिकों का डाटा भी शामिल हैं।

इन दोनों सूचियों का पूर्ति विभाग के राशन कार्ड डाटा से मिलान कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को सूची से हटाना है, जो पहले ही राशन कार्ड के दायरे में आ चुके हैं, ताकि वास्तविक रूप से वंचित परिवारों को फैमिली आइडी से जोड़ा जा सके।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन पाठक ने बताया कि विभिन्न विभागों के डाटा का सत्यापन कराया जा रहा है। मिलान के बाद सही और पात्र परिवारों का डाटा तैयार किया जाएगा।

एक लाख से अधिक परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य

फैमिली आइडी (एक परिवार, एक पहचान) योजना फरवरी 2024 में शुरू की गई थी। मार्च से जिले में फैमिली आइडी बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। बाराबंकी में कुल एक लाख 540 परिवारों को फैमिली आइडी से जोड़ने का लक्ष्य है। अब तक करीब 50 प्रतिशत आइडी तैयार हो चुकी है।

इनका बनेगा फैमिली आइडी कार्ड

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में करीब 80 प्रतिशत आबादी राशन कार्ड के दायरे में हैं। जिन परिवारों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, उन्हें फैमिली आइडी से जोड़ा जाना है। वहीं, जिन परिवारों के राशन कार्ड पहले से बने हैं, उनके राशन कार्ड को ही फैमिली आइडी के रूप में मान्य किया जा चुका है। करीब 20 प्रतिशत परिवारों को दायरे में लाया जाना है।

सरकारी योजनाओं से जोड़ने में बनेगी आधार

फैमिली आइडी के जरिए राशन कार्ड से वंचित परिवारों की विभागवार मैपिंग की जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि किस परिवार को कौन-कौन सी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और कौन उससे वंचित है। इसके आधार पर पात्र परिवारों को आवास, शौचालय, बिजली कनेक्शन और रोजगार जैसी योजनाओं से जोड़ा जा सकेगा।

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50 हजार परिवारों का डाटा उलझा, अब खोजे जा रहे पात्र

  • बेसिक शिक्षा, ‘जी राम जी’ और पूर्ति विभाग के आंकड़ों से मिलान शुरू
  • राशन कार्ड बन चुके परिवार भी सूची में शामिल

राशन कार्ड से वंचित परिवारों की पहचान के लिए बनाए जा रहे फैमिली आइडी कार्ड की प्रक्रिया में लगभग 50 हजार परिवारों का डाटा मिसमैच सामने आया है। अब बेसिक शिक्षा, ‘जी राम जी’ और पूर्ति विभाग के डाटा का मिलान कर वास्तविक पात्र परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। सत्यापन में यह भी पता चला है कि सूची में ऐसे परिवार शामिल हैं, जिनके राशन कार्ड पहले से बन चुके हैं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन पाठक ने बताया कि विभिन्न विभागों के डाटा का सत्यापन किया जा रहा है। फैमिली आइडी योजना का लक्ष्य एक लाख 540 परिवारों को जोड़ना है, जिसमें से 50 प्रतिशत आइडी तैयार हो चुकी हैं।