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बाराबंकी में बाढ़ का कहर जारी, हजारों ग्रामीण बीमार, सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर

Published: Sun, 23 Aug 2026 10:26 AM (IST)

बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण बाढ़ प्रभावित 19 गांवों में जनजीवन ...और पढ़ें

सरयू नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 10 सेंटी मीटर ऊपर। जागरण

सरयू नदी का जल स्तर खतरे के निशान से 10 सेंटी मीटर ऊपर। जागरण

संवादसूत्र, जागरण, बाराबंकी। जिले में बारिश के साथ ही सरयू नदी की बाढ़ ने जन जीवन बेहाल कर दिया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोग बीमार हो रहे हैं। वहीं पानी घटने से कटान का खतरा है।

तीन तहसीलों रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर के 19 गांव अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों की करीब सात हजार आबादी परेशान हैं। इनमें से 3,860 लोगों को बुखार, त्वचा रोग, दस्त व पेट दर्द जैसी बीमारी ने घेर रखा है, जिनका उपचार स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दवाई देकर किया है। यही नहीं चारे का संकट होने के कारण पशु भी बीमार हो रहे हैं। 393 पशुओं का उपचार किया जा चुका है। 22 चिकित्सा टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 11 टीमें प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

राज्यमंत्री ने बांटी राशनकिट
तहसील रामसनेहीघाट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र सेमरी, बसंतपुर, सिकरी जीवल (आंशिक), उमरहरा व अतरसुईया के बाढ़ पीड़ितों में खाद रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने शनिवार को दो हजार राशन किट का वितरण किया। मंत्री ने कहा कि कोई भी प्रभावित परिवार राहत से वंचित नहीं रहेगा।

फतेहपुर में सबसे ज्यादा बारिश

शनिवार को सुबह सबसे ज्यादा बारिश फतेहपुर तहसील क्षेत्र में 60 मिलीमीटर दर्ज की गई। जबकि नवाबगंज 51, रामनगर 34. सिरौली गौसपुर 10 और हैदरगढ़ में सात मिलीमीटर बारिश हुई। सुबह बारिश के कारण स्कूलों में डीएम ने बच्चों की छुट्टी घोषित कर दी।

एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर सुबह 106.180 मीटर रिकार्ड किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 10 सेंमी ऊपर है।

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कटान हो रही

तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के खेता सराय, पठकनपुरवा मजरे टिकरी, रामनगर के पांडेयपुर मजरे बिछला व सिरौलीगौसपुर के टेपरा से सनावां के मध्य खेतों की जमीन कट रही है।