अल कायदा प्रमुख लादेन को खोजने वाली नस्ल का कुत्ता बाराबंकी पुलिस टीम में शामिल, आसान करेगा काम
Barabanki Police: बेल्जियम शेफर्ड नस्ल का खोजी कुत्ता बाराबंकी पुलिस टीम में शामिल किया गया है। इसकी मदद से पुलिस को अब अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी।

अपने हैंडलर विकास के साथ खोजी कुत्ता टकर।
HighLights
बीएसएफ के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षित बेल्जियम शेफर्ड ब्रीड के डॉग
बेल्जियम शेफर्ड ब्रीड डॉग से लैस होगी लखनऊ व बाराबंकी की पुलिस
निरंकार जायसवाल, बाराबंकी। आतंकी संगठन अल कायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन को खोजने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए एवं एफबीआई का मददगार बेल्जियम शेफर्ड नस्ल का खोजी कुत्ता अब उत्तर प्रदेश पुलिस की भी मदद करेगा।
बेल्जियम शेफर्ड नस्ल का खोजी कुत्ता बाराबंकी पुलिस टीम में शामिल किया गया है। इसकी मदद से पुलिस को अब अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी। ग्वालियर में बीएसएफ के नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फार डॉग्स में प्रशिक्षित इस खोजी कुत्ते को जिले के डॉग स्क्वाड में शामिल किया गया है, जिसका नाम टकर है।
मजबूत और अधिक जुझारू क्षमता वाले इस नस्ल के कुत्तों का सेना व सुरक्षा बलों में भी इस्तेमाल होता है। टकर की सुरागरसी से पुलिस को गंभीर अपराधों के राजफाश में बाराबंकी, लखनऊ समेत आसपास के जिले में खासी सहायता मिलने की उम्मीद है।
जिले के डॉग स्क्वाड में शामिल डायना की तीन अप्रैल 2025 और निक्की की 18 सितंबर 2025 को मृत्यु हो गई थी। डाबरमैन ब्रीड के इन दोनों के न रहने के बाद करीब एक वर्ष से जिले में घटनास्थल से सुराग जुटाने के लिए पुलिस के पास प्रशिक्षित खोजी कुत्ते की तैनाती नहीं थी। अब नए खोजी कुत्ते टकर के शामिल होने से पुलिस को राहत मिली है।
टकर के साथ हैंडलर विकास कुमार ने भी नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फार डॉग्स, ग्वालियर से नौ माह का प्रशिक्षण लिया है। इस प्रशिक्षण के दौरान कुत्ते को घटनास्थल से मिले सुरागों की गंध से संदिग्ध तक पहुंचने के लिए तैयार किया गया है।
हैंडलर और खोजी कुत्ते के बीच बेहतर तालमेल होने से घटनास्थल पर सुराग जुटाने में पुलिस को सहूलियत होगी। डॉग हैंडलर विकास ने बताया कि ओसामा बिन लादेन को बेल्जियम शेफर्ड नस्ल के कुत्ता ने ही खोज निकाला था।
ढाई माह बाद मिल सकता है एक और डॉग
एसपी अर्पित विजय वर्गीय ने बताया कि पुलिसिंग में घटनाओं की जांच खोजी डॉग समय बचाने के साथ ही वास्तविकता तक ले जाते हैं। यही वजह है कि करीब ढाई माह बाद दूसरा कुत्ता डॉग स्क्वाड में शामिल हो सकता है। उसकी नस्ल को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
