काशी विश्वनाथ की तर्ज पर संवर रहा बाराबंकी का लोधेश्वर धाम, कॉरिडोर निर्माण ने पकड़ी रफ्तार
बाराबंकी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर लोधेश्वर महादेवा धाम कॉरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह परियोजना श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश द्वार, ...और पढ़ें

काशी विश्वनाथ की तर्ज पर संवर रहा लोधेश्वर धाम।
HighLights
लोधेश्वर धाम कॉरिडोर का निर्माण काशी विश्वनाथ की तर्ज पर।
श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश द्वार, परिक्रमा पथ, पार्किंग जैसी सुविधाएं।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बाराबंकी बनेगा बड़ा केंद्र।
संवाद सूत्र, बाराबंकी। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शिव तीर्थ लोधेश्वर महादेवा धाम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किए जा रहे भव्य लोधेश्वर धाम कॉरिडोर के निर्माण ने रफ्तार पकड़ ली है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को केंद्र में रखकर प्रवेश द्वार, परिक्रमा पथ, क्लाक रूम, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराया जा रहा है।
लोधेश्वर धाम में कॉरिडोर के मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य जारी है। कार्यदायी संस्था लखनऊ मार्बल इंडस्ट्रीज के जूनियर इंजीनियर आयुष विश्वकर्मा की देखरेख में श्रमिक निर्माण कार्य में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रवेश द्वार के साथ-साथ मंदिर के चारों ओर दक्षिण, पश्चिम, उत्तर और पूर्व दिशा में परिक्रमा पथ का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा है। करीब 5.078 हेक्टेयर क्षेत्र में आकार ले रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पर्यटन विभाग द्वारा अधिग्रहीत भवनों को ध्वस्त कर भूमि खाली करा ली गई है।
वर्तमान में पूरे परिसर को बैरिकेडिंग कर सुरक्षित रखते हुए निर्माण कार्य संचालित किया जा रहा है। योजना के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार के दाहिनी ओर पर्यटन विभाग का कार्यालय स्थापित किया जाएगा।
इसके समीप दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक शौचालय का निर्माण होगा। वहीं प्रवेश द्वार के बाईं ओर क्लाक रूम बनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु अपने बैग व अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए दो इमरजेंसी गेट बनाए जाएंगे, जबकि मंदिर के पश्चिमी हिस्से में एक अतिरिक्त द्वार भी प्रस्तावित है। अभरण सरोवर के उत्तरी भाग में विशाल पार्किंग क्षेत्र विकसित हाेगा, जहां शौचालय सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कॉरिडोर का डिजाइन कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा तैयार किया गया है। प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेश ने बताया कि परियोजना का लगभग 10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और आगामी दिनों में निर्माण और तेज गति से आगे बढ़ेगा।
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पर्यटन विभाग के सहायक अधिकारी मनीष चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कॉरिडोर बनने के बाद लोधेश्वर धाम में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन का बनेगा बड़ा केंद्र
कॉरिडोर निर्माण पूरा होने के बाद लोधेश्वर धाम में श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे न केवल दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि बाराबंकी का यह प्राचीन शिव धाम प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में और अधिक मजबूती से अपनी पहचान स्थापित करेगा।