किसान गोल्डन कार्ड बनाने में प्रदेश में तीसरे स्थान पर बाराबंकी, 1155 गांवों में लगा शिविर
बाराबंकी जिला किसान गोल्डन कार्ड बनाने में उत्तर प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। रामपुर और औरैया के बाद, बाराबंकी ने 87.07% लक्ष्य हासिल किया ...और पढ़ें

किसान गोल्डन कार्ड बनाने में तीसरे स्थान पर बाराबंकी।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
प्रहलाद तिवारी, बाराबंकी। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने में बाराबंकी ने ऊंची छलांग लगाई है। इस समय की रैंकिंग में जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। पहले पर रामपुर व दूसरे पर औरैया है। रामपुर में 89.84, औरैया में 88.27 व बाराबंकी में 87.07 प्रतिशत लक्ष्य के सापेक्ष फार्मर रजिस्ट्री का पंजीकरण हो चुका है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फार एग्रीकल्चर (एग्री स्टैक) के तहत फार्मर रजिस्ट्री (किसान गोल्डन कार्ड) तैयार कराया जा रहा है। इसमें किसानों का विवरण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संकलित किया जाएगा।
जिले के 15 ब्लाक में कुल पांच लाख 65 हजार किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लिए पंजीकृत हैं। इनमें से चार लाख 10 हजार 933 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। इनमें से तीन लाख 57 हजार 783 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है।
53 हजार 450 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होना शेष है। जनवरी माह में काफी धीमी गति होने के बाद कृषि विभाग ने जिले के 1155 गांवों में शिविर लगाकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण कराया।
गांव से बाहर शहरों व महानगरों में रहने वाले काश्तकारों से संपर्क साधा और उनको फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए प्रेरित किया। 59 हजार 431 किसानों ने खुद ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्री का पंजीकरण किया।
नियमित समीक्षा से आया सुधार
डीएम शशांक त्रिपाठी ने बीते फरवरी माह में प्रतिदिन समीक्षा की और फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण में आ रही दिक्कतों को जानकर उनका निस्तारण कराया। कृषि, पंचायत व राजस्व विभाग में समन्वय स्थापित कर पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित किया। उनका प्रयास फलीभूत हुआ। फरवरी माह में 15वें स्थान पर रहा जिला आठ मार्च को तीसरे स्थान पर जा पहुंचा। डीएम ने प्रतिदिन जूम मीटिंग कर कर्मचारियों से संवाद व समीक्षा की। प्रत्येक तहसील में फार्मर रजिस्ट्री के लिए पटल बनाए गए।
फार्मर रजिस्ट्री के लाभ
फार्मर रजिस्ट्री के तहत अपनी जमीन का रिकार्ड आधार कार्ड से लिंक कराने पर किसान को खसरा व खतौनी की छायाप्रति को प्राप्त करने के लिए तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। किसान भविष्य में अपने आधार कार्ड नंबर की मदद से ही नजदीकी जनसेवा केंद्र जाकर या फिर स्वयं भी आनलाइन माध्यम से खसरा व खतौनी की छायाप्रति प्राप्त कर सकेंगे, इससे उनको समय की बचत होगी। जमीन के सत्यापित रिकार्ड के आधार पर किसान को बैंक से आसानी से लोन भी मिल सकेगा।
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टॉप तीन जिलों की स्थिति
| जिला | किसान फार्मर-रजिस्ट्री आईडी | संख्या |
|---|---|---|
| रामपुर | 2 | 30, 183-2,06,807 |
| औरैया | 1 | 95, 645-1, 72, 692 |
| बाराबंकी | 4 | 10, 933-3, 57, 783 |
क्या कहते हैं अधिकारी
फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण में प्रदेश में बाराबंकी तीसरे स्थान पर आ गया है। 31 मार्च तक शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। किसानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। -धीरेंद्र सिंह, उपकृषि निदेशक।