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    बाराबंकी में सवारी की होड़ में ‘डग्गामार’ बनीं परिवहन निगम की बसें, यातायात व्यवस्था बनी सिरदर्द

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 09:04 PM (IST)

    बाराबंकी के पटेल तिराहे पर परिवहन निगम की अनुबंधित बसें सवारियां भरने की होड़ में बीच सड़क पर खड़ी होकर जाम लगा रही हैं। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पटेल तिराहे पर बसें बीच सड़क खड़ी कर रही जाम।

    2. सवारियां भरने की होड़ में बढ़ रहा हादसों का जोखिम।

    3. डिपो प्रभारी ने मनमानी पर जांच व कार्रवाई की बात कही।

    जागरण संवाददाता, बाराबंकी। सवारियां भरने की होड़ में परिवहन निगम की अनुबंधित बसों के चालक अब यातायात व्यवस्था के लिए सिरदर्द बन गए हैं। लखनऊ की सवारियां बैठाने के लिए चालक पटेल तिराहे पर बीच सड़क बसें खड़ी कर देते हैं।

    एक बस के पीछे दूसरी बस रुकती है और देखते ही देखते व्यस्त तिराहा बस अड्डे में तब्दील हो जाता है। इससे यातायात थम जाता है और दैनिक यात्रियों व छात्रों को जाम में फंसना पड़ता है। सड़क पर अचानक बस रोकने से हादसे का जोखिम भी बना रहता है।

    बस अड्डे से करीब 120 बसों का संचालन

    जिले में सिविल लाइन स्थित पुराने बस अड्डे और चौपला के पास नए बस अड्डे से करीब 120 बसों का संचालन होता है। इनमें 97 अनुबंधित और 15 निगम की बसें हैं। इसके अलावा डबल डेकर ई-बसें भी हैं।

    दैनिक यात्रियों की सुविधा के लिए सुबह पांच बजे से बसों का संचालन शुरू हो जाता है। पुराने बस अड्डे से चलने वाली बसें पटेल तिराहे पर डग्गामार वाहनो की तरह सबसे ज्यादा मनमानी देखने को मिलती है।

    सवारी देखते ही चालक बस कहीं भी रोक देते हैं। दूसरी बस आगे न आने पाए इस लिए उसके आगे बेड़ी बस खड़ी कर दी जाती है। लखनऊ जाने वाली सवारियों को बैठाने के लिए कई बसें एक साथ बीच सड़क पर खड़ी हो जाती हैं।

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    यातायात का दबाव कम होने के बावजूद बस चालकों की यह मनमानी तिराहे पर जाम का कारण बन जाती है। पीछे से आने वाले वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है।

    उलझने पर आमादा हो जाते बस चालक

    सबसे गंभीर बात यह है कि बस चालकों को सड़क पर बस खड़ी करने से रोकने या टोकने पर वह अपनी गलती मानने के बजाय राहगीरों और अन्य वाहन चालकों से उलझने पर आमादा हो जाते हैं।

    ऐसे में सवाल उठता है कि यात्रियों को सुविधा देने के लिए चलने वाली बसें आखिर कब तक सवारी की होड़ में यातायात व्यवस्था के लिए आफत बनी रहेंगी।

    डिपो प्रभारी एके अवस्थी ने बताया कि बसों का शेड्यूल तय है, मनमानी की जांच कराई जाएगी जिसके आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी।

    क्या है डग्गामारी?

    परमिट नियमों के विपरीत वाहनों का व्यावसायिक संचालन डग्गामारी कहलाता है। नियम और निर्धारित स्थान के अलावा कहीं भी वाहन को सवारी बैठाने व उतारने के लिए रोकना डग्गामारी कहा जाता है। जिन पर परिवहन और पुलिस विभाग कार्रवाई करते हैं, लेकिन इनके गले में भला घंटी कौन बांधे।