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Bareilly Circle Rate: ट्यूलिया में सबसे ज्यादा 70 आपत्तियां; रहपुरा जागीर के किसानों ने मांगी 5 करोड़ प्रति हेक्टेयर दर

Updated: Tue, 18 Aug 2026 05:07 PM (IST)

बरेली में प्रस्तावित सर्किल रेट पर 122 आपत्तियां मिली हैं, जिनमें ट्यूलिया के किसानों ने कृषि भूमि की दरें बढ़ाने की सर्वाधिक मांग की है। रहपुरा जागीर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सोमवार शाम तक थी आपत्तियां और सुझाव देने की आखिरी तारीख

जागरण संवाददाता, बरेली। जिले में 25 अगस्त से नए सर्किल रेट लागू करने की तैयारी के बीच प्रस्तावित दरों को लेकर सोमवार तक 122 आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक 70 आपत्तियां ट्यूलिया क्षेत्र से आई हैं। किसानों ने यहां कृषि भूमि की प्रस्तावित दर को बढ़ाने की मांग की है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद संशोधित मूल्यांकन सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।

सभी छह तहसीलों में उप निबंधक कार्यालयों ने अपने-अपने क्षेत्रों के लिए सर्किल रेट की प्रस्तावित दरें तैयार की हैं। 11 अगस्त को प्रस्तावित सूची जारी कर 17 अगस्त तक आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। नई दरों को 25 अगस्त से लागू करने की तैयारी है।

सदर तहसील के प्रथम क्षेत्र में अकृषक भूमि की दरों में शून्य से 20 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। कृषि भूमि में शून्य से 12 प्रतिशत तक और व्यावसायिक एकल भूमि में औसतन 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव है।

ट्यूलिया में कृषि भूमि के सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर 70 आपत्तियां आई हैं। किसानों का कहना है कि ट्यूलिया नगर निगम का हिस्सा है, लेकिन यहां कृषि भूमि के सर्किल रेट वर्ष 2013-14 से 2024 तक नहीं बढ़ाए गए। वर्ष 2025 में भी केवल 20 प्रतिशत वृद्धि कर इसे अर्द्धनगरीय गांव हमीरपुर और धंतिया के बराबर किया गया।

किसानों के मुताबिक ट्यूलिया नगरीय क्षेत्र बंडिया और परसाखेड़ा की सीमा से लगा है। ऐसे में यहां की कृषि भूमि का सर्किल रेट भी इन क्षेत्रों के बराबर होना चाहिए। क्षेत्र में आवास विकास की योजना प्रस्तावित होने के कारण किसानों को जमीन के बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।

इटौआ, गायत्रीपुरी के रेट बढ़ाने की मांग

सिविल लाइंस निवासी आलोक ऐरन ने भी प्रत्यावेदन देकर रामगंगा बैराज के पास स्थित दौली रघुवर दयाल, मुरापुरा, जितौर मुस्तकिल और जितौर एतमाली आदि गांवों के सर्किल रेट में संशोधन की मांग की है।

उनका कहना है कि इन गांवों का सर्किल रेट प्रति हेक्टेयर काफी अधिक है, जबकि जमीन की कीमत करीब एक से ढाई लाख रुपये प्रति बीघा है। ग्राम अहिलादपुर निवासी प्रदीप कुमार ने इटौआ बेनीराम के सर्किल रेट को डेढ़ गुना बढ़ाने की मांग की है।

वहीं स्वतंत्र वीर सावरकर सहकारी समिति के सचिव दिनेश गिरी ने गायत्रीपुरी और वीर सावरकर नगर के सर्किल रेट को एक समान किए जाने की मांग की है। उन्होंने गायत्रीपुरी का सर्किल रेट 35 से 40 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर करने का सुझाव दिया है।

रहपुरा जागीर में भी रेट बढ़ाने की मांग

तहसील मीरगंज के राजस्व ग्राम रहपुरा जागीर में भी सर्किल रेट को लेकर किसानों ने बड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। सैकड़ों किसानों ने एडीएम एफआर को प्रत्यावेदन देकर कृषि भूमि का सर्किल रेट पांच करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर करने की मांग की है।

किसानों के पक्ष में मीरगंज विधायक डाॅ. डीसी वर्मा ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। किसानों का कहना है कि वर्ष 2025-26 में रहपुरा जागीर की सामान्य कृषि भूमि की दर 42 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर थी और इसमें वृद्धि किए बिना वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित सूची तैयार की गई है।

जबकि एनएच-24 से जोड़ने वाले रिंग रोड के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण हो चुका है और मुआवजा भी बांटा जा चुका है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। किसानों के अनुसार वर्तमान में यहां जमीन की बिक्री तीन से चार करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर तक हो रही है।

किसानों ने कहा कि नई चकबंदी के बाद गांव का नया नक्शा तैयार हो चुका है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग भी दर्शाया गया है। बीडीए ने 19 फरवरी 2026 को रिंग रोड से सटे गाटा संख्या को अपनी पूर्व अधिसूचित योजना से जोड़ने के लिए अधिग्रहण किया था।

इसके बावजूद प्रस्तावित सर्किल रेट में रिंग रोड के लिए अलग दर का प्रावधान नहीं किया गया है। किसानों ने सामान्य कृषि दर के साथ आबादी से लगी भूमि, सड़क किनारे की भूमि और राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी भूमि के लिए अलग-अलग दर निर्धारित करने की मांग की है।

उनका कहना है कि आसपास के गोकुलपुर, परसाखेड़ा, बल्लागोठा और रसूला चौधरी आदि गांवों में जमीन के रेट काफी अधिक हैं। क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क समेत अन्य औद्योगिक गतिविधियों के लिए महंगी दरों पर जमीन खरीदी जा रही है।

 

नए सर्किल रेट के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। प्रस्तावित सर्किल रेट को लेकर प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। इसके बाद दरों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

- संतोष कुमार सिंह, एडीएम एफआर


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