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    बरेली उपद्रव मामला: मौलाना तौकीर रजा समेत 15 पर कोर्ट में आरोप तय, जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 09:23 PM (IST)

    बरेली उपद्रव मामले में मौलाना तौकीर रजा समेत 15 आरोपियों पर कोर्ट में आरोप तय हो गए हैं। सभी ने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष सुनवाई की मांग की, अ ...और पढ़ें

    मौलाना तौकीर रजा

    मौलाना तौकीर रजा

    HighLights

    1. सभी आरोपितों पर तय हुए आरोप, एक अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

    2. 26 सितंबर को मौलाना ने शहर में कराया था उपद्रव, अभी तक जेल में

    जागरण संवाददाता, बरेली। 26 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया है। सोमवार को अपर सेशन जज-पांच संतोष कुमार यादव की अदालत ने मुख्य आरोपित मौलाना तौकीर रजा और उसके कई साथियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। सुनवाई के दौरान, मुख्य आरोपित मौलाना तौकीर रजा को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से फतेहगढ़ के केंद्रीय कारागार से जज के समक्ष पेश किया गया।

    जबकि उसके सहयोगी फरहत खान, मोईन खान, इदरीश, इकबाल, नदीम, अफजाल बेग, नफीस, फरहान रजा खान, मुनीर इदरीशी, शफीले अहमद, आरिफ, अनीस सकलैनी, मोईन सिद्दीकी और फैजुल नबी व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर हुए।

    पुलिस की चार्जशीट और अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना बारादरी क्षेत्र के अंतर्गत 26 सितंबर 2025 को सैलानी रोड पर इन अभियुक्तों ने सुनियोजित तरीके से गैरकानूनी भीड़ का नेतृत्व किया था। आरोप पत्र में बताया गया है कि, हिंसक भीड़ पूरी तरह से घातक हथियारों, कांच और तेजाब (एसिड) की बोतलों तथा ईंट-पत्थरों से लैस थी।

    जिसने न केवल आम जनता में भारी दहशत फैलाई, बल्कि कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने का प्रयास कर रही पुलिस टीम पर जानलेवा हमला भी किया। इस हमले में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे पुलिस कांस्टेबल सिद्धांत चौधरी और आदित्य प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका जीवन भारी संकट में पड़ गया था।

    अदालत के दस्तावेजों में इस बात का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि इन उपद्रवियों ने एक गहरी आपराधिक साजिश रचते हुए एक धर्म विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किया, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची।

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    इतना ही नहीं, दंगाइयों ने पुलिस बल को सरेआम गालियां देकर अपमानित किया और सड़क पर ऐसा आतंक पैदा किया कि दुकानदार अपना सामान और दुकानें छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए।

    सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) की तरफ से पेश की गई मजबूत दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों का गहराई से अवलोकन करने के बाद अदालत ने यह माना कि प्रथम दृष्टया अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं। इसी के आधार पर न्यायाधीश ने गंभीर धाराओं के साथ-साथ क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट के तहत सभी आरोपितों पर आरोप निर्मित कर दिए हैं।

    हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के तहत जब अदालत में इन सभी गंभीर आरोपों को पढ़कर सुनाया और समझाया गया, तो सभी अभियुक्तों ने खुद को निर्दोष बताते हुए इन आरोपों से साफ इन्कार किया और अपने लिए निष्पक्ष ट्रायल की मांग की। इसे स्वीकार करते हुए अदालत ने अभियोजन पक्ष की गवाही और मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अगस्त तारीख दी है।

    यह आरोपित अभी भी जेल में हैं बंद

    बताते चलें इस मामले में फरहत खान, मोईन खां, इदरीश, इकबाल, नदीम, अफजाल बेग, नफीस, फरहान रजा खान, मुनीर इदरीसी, शफीले अहमद, आरिफ, अनीस सकलैनी, मोईन सिद्दीकी, फैजल नबी बरेली की जेल में बंद है जबकि मुख्य आरोपित तौकीर रजा फतेहगढ़ जेल में बंद है।

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