Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'मासूम चिल्लाया- माँ को बताऊंगा...': 5 साल के भाई का घोंटा गला, बरेली के चर्चित हत्याकांड में आया कोर्ट का फैसला

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 10:38 PM (GMT+05:30)

    बरेली के नवाबगंज में नाबालिग से दुष्कर्म और उसके पांच वर्षीय भाई की हत्या के दोषी महेश उर्फ मुकेश को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। बच्चे ने दुष्कर्म देख ...और पढ़ें

    प्रति‍कात्‍मक च‍ित्र

    प्रति‍कात्‍मक च‍ित्र

    HighLights

    1. किशोरी के कहने पर ही दोषी ने छत से फेंका था शव, नवाबगंज के गांव की घटना

    जागरण संवाददाता, बरेली। नाबालिग से दुष्कर्म करते हुए पीड़िता के पांच साल के भाई ने देखा तो आरोपित ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। पीड़िता के कहने पर ही उसने बच्चे के शव को छत से घर के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया। पोस्टमार्टम में गला दबाने की पुष्ट हुई। अब स्पेशल जज पाक्सो एक्ट नम्रता अग्रवाल ने आरोपित महेश उर्फ मुकेश को दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही किशोरी की पत्रावली को किशोर न्याय बोर्ड को स्थानंतरित की गई है।

    घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव की है। 28 जुलाई 2020 की बात है, पीड़ित किशोरी के माता-पिता मजदूरी करने गए थे। घर पर किशोरी और उसका पांच वर्ष का भाई अकेला था। दोपहर करीब ढाई बजे गांव का ही आरोपित महेश उर्फ मुकेश चोरी से घर में दाखिल हुआ और किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। दूसरे कमरे में सो रहे मासूम को जब घर में हलचल महसूस हुई तो वह जाग गया।

    जब उसने अपनी बहन के साथ दरिंदगी देखी तो चिल्लाकर कहा कि वह मां को बता देगा। भेद खुलने और समाज में बदनामी के डर से बौखलाए आरोपित महेश ने अपनी हैवानियत छिपाने के लिए पीड़िता की आंखों के सामने ही मासूम का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

    साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को घर के अंदर से जीने के रास्ते छत पर ले गया और दीवार के पास बनी झाड़ियों में फेंक दिया। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे जब पीड़िता के माता-पिता मजदूरी से लौटे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला।

    खबरें और भी

    गांव के बच्चों के बताने पर जब उन्होंने झाड़ियों में अचेत पड़े मासूम को उठाकर नवाबगंज स्थित क्लीनिक क्लिनिक पहुंचाया तो वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बदहवास स्वजन ने दुर्घटना में छत से गिरकर मौत मानकर उसी शाम शव को नदी किनारे दफना दिया।

    मगर घटना के दो दिन बाद 30 जुलाई 2020 को जब पिता ने पीड़िता से कड़ाई से पूछताछ की, तो बिलखते हुए बेटी ने इस जघन्य हत्याकांड और दरिंदगी की पूरी सच्चाई उजागर की। कहा कि उसी के कहने पर आरोपित महेश ने भाई के शव को छत से फेंक दिया था।

    इसके आधार पर 31 जुलाई 2020 को नवाबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार प्रदीप कुमार रमन की मौजूदगी में एक अगस्त 2020 को मासूम के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम कराया।

    पोस्टमार्टम में गला दबाने की हुई पुष्टि, किशोरी की पत्रावली अलग

    विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी ने नौ गवाह पेश किए। जिला कारागार के डा. राजीव कुमार वर्मा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए अदालत को बताया कि मृतक की मौत गला दबाने के कारण दम घुटने के कारण हुई थी। उसकी गर्दन की हड्डी व थायराइड कार्टिलेज टूटी हुई पाई गई।

    जिला महिला अस्पताल की डा. अनुपमा कटियार ने पीड़िता के डीएनए नमूनों से दुष्कर्म की पुष्टि की। सह-अभियुक्त बनी नाबालिग किशोरी की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को स्थानांतरित कर दी गई। अदालत ने दोषी महेश को आजीवन कारावास की सजा के साथ 40 हजार रुपए जुर्माने से भी दंडित किया है। जुर्माने की आधी रकम मृतक के पिता को दी जाएगी।

    यह भी पढ़ें- बरेली में जमीन-मकान खरीदना होगा 15% तक महंगा, 10 अगस्त के बाद लागू होंगे नए सर्किल रेट