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    योगी राज में 'जीरो टॉलरेंस': बरेली में उप-निबंधक समेत तीन सस्पेंड, विधवा महिला की संपत्ति पर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

    Updated: Sat, 09 May 2026 03:41 PM (IST)

    बरेली में एक विधवा महिला की संपत्ति की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में उप निबंधक समेत तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। महिला को न्याय के लिए दो साल ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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    1. माडल टाउन निवासी महिला पिछले दो साल से पुलिस व प्रशासन के काटती रही चक्कर

    जागरण संवाददाता, बरेली। जीरो टालरेंस की नीति पर चल रही योगी सरकार में भी तमाम अधिकारी फरियादियों की सही बात भी सुनने को तैयार नहीं। माडल टाउन में रहने वाली विम्मी मदान पिछले दो वर्षों से अधिकारियों के चक्कर लगाती रही, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। फिर शासन तक पैरवी की तो शिकायत पर अमल किया गया। उनके आरोपों पर जांच हुई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर अब उप निबंधक समेत तीन को निलंबित किया गया है।

    माडल टाउन निवासी विम्मी मदान के पति राजविंदर सिंह का निधन हो चुका है। वह हिम्मत कोल्ड स्टोरेज चलाते थे। शहर में उनकी एक संपत्ति का कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से सौदा कर दिया। इतना ही नहीं जालसाजों ने निबंधन कार्यालय में साठगांठ करके उनकी संपत्ति की रजिस्ट्री भी करा ली।

    इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के पास शिकायत की। कहा, फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से संपत्ति बेच दी गई है। विक्रय पत्र में उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उन्होंने निबंधन कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया।

    अधिकारियों के कई चक्कर लगाने के बाद भी किसी ने उनकी नहीं सुनी। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल से शिकायत की।

    उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य मंत्री ने उप महानिरीक्षक निबंधन अयोध्या मंडल और उप महानिरीक्षक निबंधन मुरादाबाद मंडल की दो सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई। द्विसदस्यीय समिति ने एक मार्च 2025 को अपनी रिपोर्ट दी।

    उनकी जांच में निबंधन विलेखों के प्रलेखन, परीक्षण, पंजीयन आदि में अनियमितताएं पाई गईं। इस पर 28 अप्रैल 2025 को उप निबंधन, सदर प्रथम रवि प्रकाश वर्मा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई संस्थित करते हुए उप महानिरीक्षक निबंधन, गौतमबुद्ध नगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।

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    जांच अधिकारी ने पांच फरवरी 2026 को अपनी जांच आख्या प्रस्तुत कर दी। जांच आख्या में उन्होंने विम्मी मदान के आरोपों को सिद्ध होने की पुष्टि की। पाया गया कि बरेली के उप निबंधक रवि प्रकाश वर्मा द्वारा विलेखों का परीक्षण सतर्कतापूर्वक नहीं किया गया। विक्रेता के हस्ताक्षर नहीं होने के बावजूद विलेख हस्ताक्षरित कर दिया।

    कार्यों के प्रति उदासीनता, कार्यालय पर शिथिल नियंत्रण पाया गया। कार्यालय के कनिष्ठ सहायक तोषक राजन राजपूत और तत्कालीन कनिष्ठ सहायक शिवम मिश्रा भी अनियमितता के दोषी पाए गए। इस पर महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने उप निबंधक रवि प्रकाश वर्मा सहित तीनों को निलंबित कर दिया है।

    रजिस्ट्री कार्यालय में दलालों का अड्डा, हो रही गड़बड़ियां

    बरेली सदर स्थित निबंधन कार्यालय दलालों का अड्डा बन गया है। एक ओर राज्य मंत्री रवीन्द्र जायसवाल गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, वही दूसरी ओर बरेली कार्यालय में तमाम गड़बड़ियां हो रही हैं। सुबह से देर शाम तक यहां दलालों का अड्डा बना रहता है।

    दस्तावेज लेखन से लेकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराने तक दलाल संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वालों के साथ लगे रहते हैं। दलालों की सीधे बाबुओं से मिलीभगत के चलते संपत्ति बेचने-खरीदने वाले अधिकारियों तक भी नहीं पहुंच पाते हैं। कहने को यहां डीआइजी और एआइजी स्टांप के कार्यालय भी हैं, लेकिन सब आंखें बंद किए बैठे रहते हैं।

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