मौलाना तौकीर रजा की 'जमानत वाली छटपटाहट'! 6 महीने, 21 अर्जियां, फिर भी नहीं खुली जेल की सलाखें
मौलाना तौकीर रजा को फतेहगढ़ जेल में बंद हुए छह महीने हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने निचली अदालतों से लेकर हाईकोर्ट तक 21 जमानत अर्जियां लगाई हैं। उन्हें ...और पढ़ें

मौलाना तौकीर रजा
HighLights
20 अर्जियां सीजेएम से लेकर एडीजे के कोर्ट में लगी, एक अर्जी पहुंची हाईकोर्ट
मौलाना को सात मुकदमों में मिल चुकी है जमानत, तीन पर अभी सुनवाई जारी
रजनेश सक्सेना, बरेली। उपद्रव के आरोपित मौलाना तौकीर रजा को फतेहगढ़ जेल में बंद छह माह पूरे हो चुके हैं। उसमें जेल से बाहर निकलने की छटपटाहट बढ़ती ही जा रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि छह माह में मौलाना लोअर कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक कुल 21 जमानत अर्जियां लगा चुका है।
इसमें से अभी भी तीन अर्जियां ऐसी हैं जिसमें उसे जमानत नहीं मिली है। जब तक सभी मुकदमों में जमानत नहीं मिल जाती वह जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। कोतवाली का एक मुकदमा की जमानत अर्जी मौलाना ने हाईकोर्ट में भी लगाई है। उसमें भी तारीख पर तारीख लग रही हैं मगर कोई राहत नहीं मिल रही।
किसी भी मामले में जमानत के लिए पीड़ित को अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी के लिए सीजेएम कोर्ट में आवेदन करना होता है। यदि वहां से जमानत अर्जी खारिज कर दी जाती है तो संबंधित व्यक्ति को एडीजे के यहां आवेदन करना होता है। वहां से भी अर्जी खारिज होने पर आरोपित को हाईकोर्ट का रास्ता अपनाना होता है।
मौलाना को जमानत की छटपटाहट इतनी है कि वह इन छह माह में सभी से गुजर चुका है। सबसे पहले उसके सभी 10 मुकदमों की अर्जी सीजेएम कोर्ट से खारिज हो चुकी है। इसके बाद उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एडीजे के यहां आवेदन किया जिसमें सभी 10 मुकदमों में से सात मुकदमों में आरोपित मौलाना तौकीर को जमानत दे दी गई।
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तीन मुकदमे ऐसे हैं जिसमें जमानत नहीं मिली। इन तीनों मुकदमों में दो मुकदमे कोतवाली और एक मुकदमा बारादरी थाने का है। तीनों ही मुकदमों में हत्या के प्रयास की धारा लगाई गई है। एडीजे के यहां से भी इन तीनों मुकदमों में से कोतवाली के प्रमुख मुकदमे (जो थाना प्रभारी की ओर से लिखा गया) में जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
बाकी बारादरी थाने में थाना प्रभारी धनंजय पांडेय और कोतवाली में कुतुबखाना चौकी इंचार्ज की ओर से लिखे गए दोनों मुकदमों में अभी एडीजे कोर्ट में सुनवाई जारी है। उनमें आगे की तिथि लगाई गई है।
हाई कोर्ट का भी खटखटाया दरवाजा
मौलाना की कोतवाली के प्रमुख मुकदमे की जमानत अर्जी जब एडीजे के यहां से निरस्त कर दी गई तो उसके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां पर भी कई तारीख लग चुकी हैं लेकिन अभी तक हाई कोर्ट से मौलाना को जमानत नहीं दी गई है।
जब तक मौलाना को सभी मुकदमों में जमानत नहीं मिलेगी तब तक वह जेल में ही रहेगा। हाईकोर्ट में भी पुलिस की ओर से मजबूत पैरवी की जा रही है जिसकी वजह से हर बार जमानत याचिका में अगली तिथि लग जाती है।
30 से अधिक लग चुकी हैं तारीख
तारीख पर तारीख... यह डायलाग मौलाना पर सटीक बैठ रहा है। उसने अपनी जमानत के लिए जितनी अर्जियां लगाई उससे कहीं ज्यादा उसे तारीख मिल चुकी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौलाना को पिछले छह माह में 30 से अधिक तारीख मिल चुकी हैं। क्योंकि कुछ मुकदमे ऐसे हैं जिसमें तीन से चार तारीख भी लगाई गई। अभी कितनी और तारीख लगेंगी इस बारे में किसी को नहीं पता क्योंकि दो मुकदमों की सुनवाई अभी एडीजे कोर्ट और एक मुकदमे की सुनवाई अभी हाईकोर्ट में जारी है।