बरेली नगर निगम की 'ब्लैक लिस्ट': IVRI और बरेली कॉलेज समेत ये बड़े सरकारी विभाग निकले करोड़ों के बकायेदार!
बरेली नगर निगम ने 116.47 करोड़ रुपये के संपत्ति कर बकाएदारों की सूची जारी की है। इसमें दस सरकारी और निजी संस्थान शामिल हैं, जिन पर दस लाख से अधिक का ब ...और पढ़ें

सिविल लाइन कुमार टाकीज के पास दुकान को सील करती नगर निगम की टीम। सौ. निगम
HighLights
नगर निगम ने दस लाख से अधिक धनराशि के बकाएदारों की सूची की सार्वजनिक, कार्रवाई की तैयारी
निगम का दावा, नोटिस के बाद भुगतान नहीं होने पर खाते होंगे सीज, संपत्तियां होंगी सील
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर के दस सरकारी और निजी संस्थानों-प्रतिष्ठानों ने नगर निगम का 116.47 करोड़ (संपत्ति कर) दबा रखा है। गुरुवार को नगर निगम ने दस लाख से अधिक धनराशि के 20 शीर्ष बकाएदारों की सूची सार्वजनिक कर दी। अब ऐसे संस्थानों-प्रतिष्ठानों के विरुद्ध बैंक खातों को सीज करने के साथ संपत्तियों को भी सील करने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम के ऐसे बकाएदारों में आइवीआरआइ, रुहेलखंड विश्वविद्यालय, आइटीआर फैक्ट्री, डीआइओएस, बरेली कालेज, पशु चिकित्सालय, सेंट्रल जेल, हेड पोस्ट आफिस, बरेली क्लब, प्रभा थियेटर समेत अन्य कई सरकारी व निजी संस्थान शामिल हैं। शासन ने नगर निकायों को आर्थिक रूप से सक्षम बनने के लिए शत-प्रतिशत गृहकर वसूली के साथ अन्य आय के स्रोत बनाने के निर्देश दिए हैं।
वित्त वर्ष 2025-2026 में नगर निगम को 109 करोड़ संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य भी दिया गया है। दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष में नगर निगम 22 जनवरी तक महज 57 करोड़ की ही वसूली कर सका है। अधिकारियों की ओर से शासन से मिले लक्ष्य को मार्च तक वसूलने का दावा किया जा रहा है। इन सबके बीच नगर निगम ने गुरुवार से बड़े बकाएदारों के भवनों के सीलिंग की कार्रवाई तेज कर दी।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में 39 बड़े बकाएदारों की व्यवसायिक संपत्तियों को सील कर दिया गया। साथ ही दस लाख से अधिक धनराशि के दस बड़े सरकारी और दस बड़े निजी अनावसीय बकाएदारों की सूची सार्वजनिक कर दी। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के अनुसार ऐसे संस्थानों-प्रतिष्ठानों के बैंक खाते सीज करने के साथ संपत्तियों को सील किया जाएगा, इसके लिए शासन स्तर पर भी पत्राचार किया जा रहा है।
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बरेली नगर निगम के बड़े सरकारी बकायेदार
| क्रम संख्या | सरकारी विभाग/संस्थान का नाम | कुल बकाया राशि |
| 1. | IVRI (आइवीआरआइ) | ₹32.60 करोड़ |
| 2. | बरेली कॉलेज | ₹29.43 करोड़ |
| 3. | रुहेलखंड विश्वविद्यालय | ₹16.19 करोड़ |
| 4. | DIOS (डीआइओएस) | ₹1.12 करोड़ |
| 5. | सेंट्रल जेल | ₹70.54 लाख |
| 6. | अधीक्षण अभियंता जल निगम | ₹38.77 लाख |
| 7. | हेड पोस्ट ऑफिस | ₹36.90 लाख |
| 8. | सरकारी पशु चिकित्सालय | ₹13.33 लाख |
| 9. | सिंचाई विभाग एंड डिपो | ₹1.60 लाख |
बरेली के बड़े अनावसीय बकायेदार
| क्रम संख्या | बकायेदार का नाम | कुल बकाया राशि |
| 1. | आइटीआर कंपनी | ₹8.24 करोड़ |
| 2. | प्रभा थियेटर | ₹5.32 करोड़ |
| 3. | आम्रपाली मल्टीप्लेक्स | ₹4.73 करोड़ |
| 4. | सेमसन पी लाल | ₹3.69 करोड़ |
| 5. | बरेली क्लब | ₹3.41 करोड़ |
| 6. | बलदेव राज बत्रा | ₹2.24 करोड़ |
| 7. | मुन्ने नन्हें | ₹1.91 करोड़ |
| 8. | विमको | ₹1.57 करोड़ |
| 9. | रुहेलखंड डेंटल कालेज | ₹1.48 करोड़ |
| 10. | जहीर अहमद (रोहली टोला) | ₹1.44 करोड़ |
संपत्तिकर शहर के विकास सुंदरीकरण में सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक कोष है। शहर के विकास के लिए आमजन को भी सहभागी बनना होगा। शहर के बड़ी संख्या में भवन स्वामी ऐसे हैं जिन्होंने अब तक एक रुपये भी संपत्तिकर जमा नहीं किया है। जीआइएस सर्वे में ऐसी कई निजी संपत्तियां सामने आई हैं उन्हें संपत्तिकर जमा करने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। सरकारी विभागों को भी शीघ्र भुगतान को अंतिम नोटिस जारी कर अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन स्तर से मार्गदर्शन लिया जा रहा है।
- प्रमोद कुमार द्विवेदी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
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