करोड़ों का बजट ठिकाने लगा, पर सड़क से नहीं हटे 'कातिल पेड़'! बरेली-रामपुर रोड की ये तस्वीरें देख सहम जाएंगे आप
बरेली-रामपुर रोड पर सड़क चौड़ीकरण के बावजूद 'मौत के पेड़' दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। हाल ही में एक हादसे में तीन लोगों की जान जाने के बाद लोक निर् ...और पढ़ें

किला क्षेत्र स्थित स्वाले नगर में सड़क किनारे लगे पेड़ पर लगाए गए लाल रंग के स्टीकर और घटनास्थल पर खड़ी क्षतिग्रस्त कार जागरण
HighLights
बीडीए ने वर्ष 2017 में किला से झुमका तिराहा तक कराया था चौड़ीकरण
तीन की गई जान तब आई सुध, पीडब्ल्यूडी ने पेड़ों पर लगवाया रेडियम
जागरण संवाददाता, बरेली। सड़क का चौड़ीकरण कराने के नाम पर करोड़ों का बजट खपाया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभागों से समन्वय की कमी के चलते बिना पेड़ कटवाए ही निर्माण करा दिया जा रहा है। दो दिन पहले शहर में दिल्ली रोड पर सड़क पर खड़े पेड़ से कार टकराने से गर्भवती समेत तीन लोगों की जान चली गई।

इस रोड पर यह इकलौता पेड़ सड़क पर नहीं खड़ा है। सीबीगंज से झुमका तिराहा तक जगह-जगह सड़क पर ‘मौत के पेड़’ दिखाई पड़ रहे हैं। सोमवार को जागरण टीम ने इस रोड की पड़ताल की तो कुछ इसी तरह की तस्वीर दिखाई पड़ी। किला पुल से स्वाले नगर तक सड़क की पटरियों पर जगह-जगह पेड़ खड़े हैं।

स्वाले नगर में कर्बला के सामने, सीबीगंज वन क्षेत्र के निकट और उससे आगे सड़क के दोनों तरफ जगह-जगह सड़क के किनारे और पटरियों पर पुराने पेड़ खड़े हैं। किसी सड़क का चौड़ीकरण कराने से पहले बाकायदा सर्वे कराकर एस्टीमेट तैयार कराया जाता है।

जद में आ रहे पेड़ों को कटवाने के लिए वन विभाग से एनओसी ली जाती है, लेकिन इस रोड पर खड़े पेड़ों को देखकर प्रतीत हो रहा है कि अवरोधक पेड़ों को कटवाने का प्रयास ही नहीं किया गया। किला पुल से सीबीगंज तिराहा तक सड़क का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग भवन निर्माण खंड ने कराया था, जबकि सीबीगंज तिराहा से आगे झुमका तिराहा तक चौड़ीकरण बरेली विकास प्राधिकरण ने कराया था।
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चौड़ीकरण हुए कई वर्ष गुजर चुके हैं, बीडीए ने इसे हैंडओवर भी कर दिया, लेकिन अवरोध बने पेड़ों को कटवाने की किसी ने भी जरूरत नहीं समझी। दुर्घटना हो जाने के बाद लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को सड़क किनारे और पटरियों पर स्थित पेड़ों पर रेडियम जरूर लगवा दिया है।

सड़क का चौड़ीकरण हमारे यहां आने से पहले कराया गया था। दो साल पहले सड़क को हैंडओवर भी किया जा चुका है। उस समय की क्या परिस्थिति रही, पेड़ क्यों नहीं कटवाए गए। पुरानी फाइलें निकलवाकर दिखवाएंगे।
- दीपक कुमार, संयुक्त सचिव बीडीए

सड़क चौड़ीकरण के समय ही अवरोधक पेड़ों को कटवाने का प्रविधान किया जाता है। किला से सीबीगंज तिराहा तक लोनिवि भवन निर्माण खंड ने चौड़ीकरण कराया था। फिलहाल, पेड़ों पर रेडियम लगवा दिए गए हैं।
- भगत सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि

हाईवे और सड़क चौड़ीकरण कराते समय संबंधित कार्यदायी एजेंसी की ओर से पेड़ कटवाने की एनओसी मांगी जाती है। किला-सीबीगंज रोड पर बिना एनओसी के सड़क चौड़ीकरण क्यों कराई गई, यह तो संबंधित विभाग के अधिकारी ही बता सकेंगे।
- दीक्षा भंडारी, प्रभागीय वनाधिकारी
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