'जिंदगी भर करनी होगी सेवा...' झोलाछाप के डर से माता-पिता ने ठेले के नीचे छोड़ा बच्चा, बरेली में अब रोते हुए पहुंचे वापस
बरेली में माता-पिता ने एक झोलाछाप डॉक्टर की सलाह पर अपने बीमार बच्चे को ठेले के नीचे छोड़ दिया था। बाल कल्याण समिति की कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के ...और पढ़ें

बरेली में ठेले के नीचे मिला बच्चा
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शनिवार रात बरेली के सेटेलाइट पर ठेले के नीचे मिला था बच्चा, मिले माता-पिता
जागरण संवाददाता, बरेली। सेटेलाइट पर मिले बच्चे को उसके माता-पिता को सुपुर्द करने की प्रक्रिया जारी रही मगर वह सुपुर्द नहीं हो पाया। बाल कल्याण समिति का कहना है कि अभी कुछ कागजी प्रकिया पूरी नहीं हो सकी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उसे सुपुर्द किया जाएगा। उधर, माता-पिता ने बताया कि बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो एक झोलाछाप को दिखाया था। उसने कहा था कि यह बच्चा कभी ठीक नहीं होगा और यह तुम्हारी सेवा नहीं करेगा बल्कि तुम्हें इसकी सेवा करनी होगी इसी वजह से छोड़ गए थे।
शनिवार रात सेटेलाइट पर एक ठेले के नीचे एक बच्चा मिला। स्थानीय लोगों ने उसे पुलिस को सौंप दिया। जब बच्चे के मिलने की खबर फैली तो माता-पिता आ गए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह ही उसे छोड़कर गए थे क्योंकि बच्चा बीमार है। उसे दौरे पड़ते हैं। अब वह उसे वापस लेना चाहते हैं।
पूछताछ में माता पिता ने अपना नाम हरदोई निवासी ओमप्रकाश और स्वाति बताया। बच्चे के माता-पिता का कहना है कि जब वह बीमार हुआ तो उन्होंने एक झोलाछाप को दिखाया था। उसने कहा था कि यह बच्चा कभी ठीक नहीं होगा इसे ऐसे ही दौरे पड़ते रहेंगे। साथ ही यह भी कहा था कि यह बच्चा तुम्हारी सेवा नहीं करेगा बल्कि जिंदगी भर तुम्हे इसकी सेवा करनी होगी।
इसी डर से वह उसे छोड़कर चले गए ताकि कोई उसका उपचार करा दे। उधर, बाल कल्याण समिति में पूरे दिन बच्चे को वापस देने की प्रक्रिया चलती रही मगर कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने के चलते बच्चे को माता-पिता के सुपुर्द नहीं किया जा सका। अब बुधवार को उसे माता-पिता को सौंपा जाएगा।