Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    High-Tech Highway: कैमरों और डिजिटल डिस्प्ले से लैस होगा बरेली-पीलीभीत मार्ग, जानें कब से खुल रहा है रास्ता

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 12:28 AM (IST)

    बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे निर्माण में तेजी आई है। पहले पैकेज (बरेली से पीलीभीत) का 43% काम पूरा हो चुका है और जुलाई तक इसे खोलने का लक्ष्य है। दूसर ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    HighLights

    1. बरेली से पीलीभीत तक 43, पीलीभीत से सितारगंज तक 23 प्रतिशत निर्माण

    2. आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा हाईवे, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

    जागरण संवाददाता, बरेली। बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे निर्माण की गति तेज हुई है। पहले पैकेज में बरेली से पीलीभीत तक 43 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि पीलीभीत से सितारगंज तक दूसरे पैकेज में अभी 23 प्रतिशत काम हो सका है। दावा किया जा रहा है कि जुलाई तक पहले पैकेज का कार्य पूर्ण कराकर वाहनों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।

    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने पिछले साल बरेली-पीलीभीत-सितारगंज हाईवे का निर्माण शुरू कराया था। 450 करोड़ की लागत से पहले पैकेज में बरेली से पीलीभीत तक 32.50 किमी जबकि दूसरे पैकेज में पीलीभीत से सितारगंज के बीच 38 किमी में हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है। शुरूआत में भूमि पर कब्जा नहीं मिल पाने और मार्ग में आ रहे पेड़ अवरोधक बने हुए थे।

    32.50 किमी के एरिया में बाइपास का निर्माण कराने को रिठौरा में 400 मीटर, बरकापुर में 300 मीटर, लाड़पुर उस्मानपुर में 500 मीटर, फरीदपुर गंगा उर्फ नवादा में 300 मीटर जमीन पर एनएचएआइ को कब्जा नहीं मिल पा रहा था। एनएचएआइ के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से मिलकर अवरोध दूर कराया। प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाकर भूमि पर कब्जा दिलवाया तो वन विभाग की एनओसी फंस गई।

    कटने वाले पेड़ों के एवज में चारगुणा पौधे लगवाने के लिए बजट और जमीन उपलब्ध कराने के बाद भी महीनों बाद पेड़ों का कटान कराया जा सका। इसके बाद निर्माण की गति बढ़ाई गई। इस परियोजना में वाहन चालकों को आवागमन में अवरोध न होने पाए इसलिए हाईवे को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। जगह-जगह डिजिटल डिस्प्ले लगाए जाएंगे।

    खबरें और भी

    प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगवाए जाएंगे, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं के कारणों का आंकलन करने में आसानी रहेगी। हाईवे पर बेसहारा पशुओं के झुंड आने से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पूरे हाईवे पर दोनों तरफ दीवार का निर्माण कराया जाएगा। पहले पैकेज का काम बरसात शुरू होने से पहले पूर्ण कराने का लक्ष्य रखा है, जबकि दूसरे पैकेज का काम पूर्ण होने में अभी वक्त लगेगा।

     

    बरेली-सितारगंज हाईवे पर निर्माण की गति बढ़ाई गई है। दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रमुख स्थानों पर संकेतक लगवाए गए गए हैं और मार्ग अवरुद्ध किया गया है। पहले पैकेज में बरेली से पीलीभीत तक आगामी जुलाई तक निर्माण पूर्ण करा लेने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे पैकेज में पीलीभीत से सितारगंज के बीच निर्माण कार्य विलंब से शुरू हुआ है, इसलिए उसमें थोड़ा समय लगेगा।

    - अश्वनी चौहान, परियोजना प्रबंधक तकनीकि, एनएचएआइ


    यह भी पढ़ें- UP का नया 'गेम चेंजर': 700 KM लंबा गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे बदलेगा इन गांवों की किस्मत, जानें कहाँ बनेगा आपका एंट्री पॉइंट