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    बरेली उपद्रव कांड: 4 घंटे की रिमांड में नदीम खान ने खोल दी पूरी प्लानिंग, कई और नाम आए रडार पर

    Updated: Sat, 20 Dec 2025 08:03 PM (IST)

    बरेली उपद्रव: पुलिस रिमांड में आरोपी नदीम खान की निशानदेही पर वह भड़काऊ पत्र बरामद हुआ, जिससे भीड़ को गुमराह किया गया था। पूछताछ में IMC लेटरहेड के दु ...और पढ़ें

    पुल‍िस की ग‍िरफ्त में नदीम

    पुल‍िस की ग‍िरफ्त में नदीम

    HighLights

    1. पुलिस प्रशासन को गुमराह करने को आइएमसी के लेटर हेड पर जारी किया था पत्र, लियाकत हुसैन के थे हस्ताक्षर

    2. उसी पत्र को इंटरनेट मीडिया पर डालकर किया खंडन, बोले फर्जी है वो पत्र सभी को इस्लामियां में होना है एकत्र

    जागरण संवाददाता, बरेली। उपद्रव के आरोपित मौलाना तौकीर रजा के करीबी नदीम खान को कोतवाली पुलिस ने चार घंटे के लिए रिमांड पर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके घर से वो पत्र बरामद किया जो उसने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर लोगों को भड़काया था। कहा था कि आइएमसी की तरफ से कोई भी कार्यक्रम रद नहीं किया गया है। पुलिस-प्रशासन ने लोगों को भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की हैं। साथ ही आवाहन किया था कि सभी को पूर्व के कार्यक्रम के तहत एकत्र होकर इस्लामियां ग्राउंड पहुंचना हैं। इसी कारण से उपद्रव हुआ था।

    26 सितंबर को उपद्रव से पहले पुलिस ने आइएमसी के पदाधिकारियों से बातचीत की और कार्यक्रम को स्थगित करने की बात कही थी। इसके बाद मौलाना तौकरी, नदीम खान आदि लोगों ने आइएमसी के लेटर हेड पर यह लिखकर जारी किया कि मौलाना के आवाहन को वापस लिया जाता है।

    कोई भी व्यक्ति इस्लामिया ग्राउंड में नहीं पहुंचेगा और सभी लोग अपनी मस्जिदों में नमाज पड़ेंगे। इस लेटर हेड पर आइएमसी के ही लियाकत अली के हस्ताक्षर किए गए थे। उस लेटर के जारी होने के बाद नदीम खान व अन्य लोगों ने उसे लेटर को इंटरने मीडिया पर वाट्स-एप ग्रुपों पर यह कहते हुए प्रसारित किया कि आइएमसी के नाम से जारी पत्र फर्जी है। मौलाना ने कोई आवाहन अपना वापस नहीं लिया है।

    उन्होंने जो कार्यक्रम तय किया था वह पहले जैसा ही हैै। इसलिए अधिक से अधिक लोग इस्लामियां ग्राउंड पहुंचे। इसी के बाद लोगों की भीड़ एकत्र होना शुरू हुई और उपद्रव हुआ। बाद में लियाकत अली ने कोतवाली में शिकायती पत्र दिया कि, उनके नाम से जो पत्र जारी किया गया। उसमें उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।

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    उन्होंने यह भी पुलिस को बताया कि उनका आइएमसी से भी कोई नाता नहीं हैं। इसके बाद पुलिस ने लियाकत के शिकायती पत्र पर एक और प्राथमिकी कोतवाली में लिखी गई थी। उसी मामले में पुलिस ने नदीम खान की सोमवार को कोर्ट से चार घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड ली और उसी लेटर को बरामद किया जिसे प्रसारित किया जा रहा था।

    बैठक से बरामद हुआ पत्र

    पुलिस नदीम को लेकर उसके घर पहुंची और तलाशी ली तो वह पत्र नदीम के यहां बैठक से बरामद किया गया। पत्र बरामद होने के बाद पुलिस उसे थाने लेकर आई और पूछताछ की। पूछताछ में उसने कई और भी लोगों के नाम लिए हैं जिनकी इस उपद्रव में प्रमुख भूमिका थी।

    साथ ही यह भी बताया है कि मौलाना को गाइड करने में उनके साथ और कितने लोग शामिल थे। पुलिस अब बताए हुए सभी लोगों के जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना हैं कि जो भी इस उपद्रव के शामिल थे सभी को गिरफ्तार किया जाएगा। पूछताछ के बाद नदीम को वापस जेल भेज दिया गया।

    सात घंटे की मांगी रिमांड, चार घंटे की मिली

    एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पुलिस ने कोर्ट से नदीम खान की सात घंटे की रिमांड मांगी थी। इसको लेकर काफी देर तक कोर्ट में बहस भी हुई। कोर्ट ने रिमांड तो मंजूर की लेकिन सात घंटे की जगह चार घंटे की ही रिमांड दी।

    पुलिस उसे सुबह 10 बजे जेल से लेकर आई और दोपहर दो बजे वापस जेल भेज दिया गया। दोनों बार उसका मेडिकल कराया गया। नदीम के बाहर आने पर किसी भी तरह का उपद्रव दोबारा न हो इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से दो प्लाटून पीएसी, दो सीओ, दो इंस्पेक्टर की ड्यूटी एसपी सिटी के नेतृत्व में लगाई गई थी।


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