योगी सरकार को बदनाम कर रहे बिजली अफसर! मंत्री के सामने पार्षदों ने खोली पोल, जमकर हुआ हंगामा
बरेली में बिजली संकट को लेकर वन मंत्री और कैंट विधायक की मौजूदगी में हुई बैठक में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने बिजली अधिकारियों पर फोन न उठा ...और पढ़ें

सर्किट हाउस में पार्षद व बिजली के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ बैठक में अपने क्षेत्र की समस्या आक्रोषित होकर बताते पार्षद चंद्रपकाश गुप्ता व अन्य। जागरण
HighLights
जनप्रतिनिधियों की संयुक्त शिकायत, फोन नहीं उठा रहे बिजली विभाग के अधिकारी
वन मंत्री बोले, स्टाफ की कमी हम दूर कराएंगे, बिजली व्यवस्था सही कराएं अभियंता
जागरण संवाददाता, बरेली। शहर में गंभीर हुए बिजली संकट को लेकर वन मंत्री डा. अरुण कुमार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल की मौजूदगी में हुई नगर निगम के पार्षदों और विद्युत विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों का कहना था कि बिजली की समस्या आने पर जेई से लेकर मुख्य अभियंता तक फोन नहीं उठाते हैं।
आरोप यहां तक लगाया कि विभाग की शह पर ही बिजली चोरी की जा रही है। बार-बार फुंक रहे एबीसी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई। विधायक और मंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें।

सर्किट हाउस सभागार में शनिवार शाम हुई बैठक में वन मंत्री और कैंट विधायक ने नगर निगम के पार्षदों से एक-एक कर उनके क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली। अधिकांश पार्षदों की शिकायत रही कि बिजली की समस्या आने पर वार्ड के लोग उनके पास पहुंचते हैं।
मगर, वह जब विभाग के अधिकारियों को फोन करते हैं तो उनका फोन ही नहीं उठता। उपकेंद्र और हेल्प डेस्क पर शिकायत करने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। पार्षद जिन जर्जर खंभों को बदलने के लिए कहते हैं वह नहीं बदले जाते, जबकि मनमाने तरीके से पोल लगा दिए जाते हैं।
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इतना ही नहीं समस्या का निदान कराने की बात कहने पर पार्षद के नाम पर ही भारी भरकम एस्टीमेट बनवा दिए जा रहे हैं। कई पार्षदों ने जेई से लेकर मुख्य अभियंता तक पर गंभीर आरोप लगाकर हंगामा किया। उनका कहना था कि एबीसी बंच केबलों की गुणवत्ता ठीक नहीं है।

इसकी वजह से रोजाना केबलें जल जा रही हैं और बिजली आपूर्ति ठप हो जा रही है। पार्षदों ने बानखाना में व्यापक पैमाने पर बिजली चोरी किए जाने और विभाग के अधिकारियों के वसूली करने का आरोप लगाया। यहां तक कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी योगी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में मदद कर रहे हैं।
वन मंत्री ने कहा कि शहर में बिजली की व्यवस्था बहुत खराब है, अधिकारी इसमें सुधार कराएं। उपकेंद्रों पर स्टाफ की कमी का मुद्दा उठने पर मुख्य अभियंता से कहा कि स्टाफ की कमी हम दूर कराएंगे, बिजली व्यवस्था में अधिकारी सुधार कराएं। मुख्य अभियंता ने अवगत कराया कि फाल्ट सही कराने के लिए 10 नई गैंग मिल गई हैं।
जनप्रतिनिधियों का नंबर अपने मोबाइल में फीड कर लें और उनकी शिकायत को गंभीरता से लेकर निस्तारण कराएं। चेतावनी दी कि लापरवाही और मनमानी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

कैंट विधायक ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि शहर में बिजली व्यवस्था इतनी बिगड़ चुकी है कि जनाक्रोश सड़कों पर आ रहा है। कानून व्यवस्था बिगड़ने पर जिम्मेदार बिजली विभाग के अधिकारी होंगे। कहा कि अगर इस समय वह सत्ता में नहीं होते तो जनता के साथ जनांदोलन कर रहे होते।
अधिकारी गांठ बांध लें, आज के बाद बिजली अधिकारियों की शिकायत आई तो कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें। बंच केबलों की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल को गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए। डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी जनता का फोन नहीं उठा रहे यह शिकायत गंभीर है।
शालीनता के साथ जन समस्या सुनकर निदान कराएं, नहीं तो जिले से बाहर जाने के लिए तैयार रहें। अपर जिलाधिकारी नगर अविनाश त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, मुख्य अभियंता मध्यांचल मनीष गुप्ता, मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश आदि मौजूद रहे।
मोबाइल पर दैनिक जागरण की कटिंग भी दिखाई
विद्युत विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विकास शर्मा एडवोकेट ने मोबाइल पर दैनिक जागरण की कटिंग दिखाते हुए कहा कि पोल झुका हुआ है, बार-बार अखबारों में छपने के बाद भी अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारी रुपये लेकर खंभे हटवा रहे हैं।
मंत्री, विधायक और मुख्य अभियंता को दें बिजली चोरी की जानकारी
कैंट विधायक ने पार्षदों का आह्वान किया कि बिजली चोरी की गोपनीय शिकायत वन मंत्री, विधायक और मुख्य अभियंता को दें। उस पर अपना नाम न लिखें, सिर्फ बिजली चोरी करने वालों का नाम और पता लिखें, जांच कराकर वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।