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    बरेली के स्कूलों पर गिरेगी गाज! ₹5 लाख जुर्माना और मान्यता रद्द होने का डर, जानें नया नियम

    Updated: Tue, 28 Apr 2026 06:43 AM (IST)

    बरेली में जिला शुल्क नियामक समिति ने स्कूलों के लिए नए नियम तय किए हैं, जिसमें फीस वृद्धि को CPI+5% तक सीमित किया गया है और पांच साल से पहले यूनिफार्म ...और पढ़ें

    कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की मौजूदगी में हुई जिला शुल्क निर्धारण समिति की बैठक

    कलक्ट्रेट सभागार में डीएम की मौजूदगी में हुई जिला शुल्क निर्धारण समिति की बैठक

    HighLights

    1. अधिकारियों ने लिया निर्णय, मानक विपरीत फीस वृद्धि पर होगी कार्रवाई

    जागरण संवाददाता, बरेली। जिले के विद्यालयों में 'उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियम) अधिनियम, 2018' के तहत ही फीस बढ़ाई जा सकेगी। सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों को पिछले वर्ष की तुलना में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) प्लस पांच प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई स्कूल इससे अधिक वसूली करता है, तो उसे अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा।

    इसके साथ ही, सभी स्कूलों को सत्र शुरू होने से 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट और सूचना बोर्ड पर फीस का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा। यह निर्णय सोमवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में लिए गए।

    इसमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कई निर्णायक कदम उठाए गए हैं, जिनका सीधा उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना है। अभिभावकों को अक्सर विशेष दुकानों से ही सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।

    इस पर रोक लगाते हुए प्रशासन ने कहा है कि कोई भी विद्यालय किसी छात्र को पुस्तकें, जूते, मोजे या यूनिफार्म एक विशिष्ट दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

    स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पठन-पाठन में एनसीईआरटी की पुस्तकों को ही प्राथमिकता दें। कोई भी स्कूल पांच साल से पहले अपनी ड्रेस में बदलाव नहीं कर पाएगा। यदि बदलाव अनिवार्य है, तो इसके लिए जिला शुल्क नियामक समिति का लिखित अनुमोदन आवश्यक होगा।

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    स्वीमिंग पूल चलाने के लिए सुरक्षा मानक का पालन जरूरी

    बैठक में छात्र सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के स्कूलों में स्वीमिंग पूल का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जहां अनुमति प्राप्त है, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि बालकों के लिए पुरुष कोच और बालिकाओं के लिए महिला कोच की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए।

    शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

    अभिभावकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शिकायत के लिए गोपनीय रास्ते खोले हैं। यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है, तो अभिभावक ई-मेल: rmsa.bareilly@gmail.com या वाट्सएप नंबर: 9454457296 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

    लापरवाही पर भारी जुर्माना और मान्यता रद्द करने की चेतावनी

    नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। पहली बार उल्लंघन पर वसूला गया अतिरिक्त शुल्क वापस करना होगा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। दूसरी बार उल्लंघन पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड।

    तीसरी बार में स्कूल की मान्यता और संबद्धता रद्द करने की संस्तुति की जाएगी। सभी विद्यालयों को एक सप्ताह के भीतर पिछले 5 वर्षों की फीस संरचना का पूरा डाटा जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध कराने का अल्टीमेटम दिया गया है।

    इस दौरान सीए मनोज मंगल, शिक्षक अभिभावक एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना, पैरेंट्स फोरम के संयोजक मुहम्मद खालिद जीलानी, रुहेलखंड अभिभावक सेवा समिति के विशाल मेहरोत्रा, अनिल कुल्लू, तपेंद्र कटारा, धर्मेंद्र मित्तल आदि मौजूद रहे।

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