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    बरेली पुलिस का 'शर्मनाक खेल': रेप केस को चुपके से बनाया दहेज उत्पीड़न, जब SSP ने खोली फाइल तो उड़े होश!

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 09:09 PM (IST)

    बरेली के सीबीगंज थाने में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले को पुलिस ने दहेज उत्पीड़न में बदल दिया। एसएसपी अनुराग आर्य के संज्ञान में आने पर दो दार ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    HighLights

    1. सीबीगंज थाना क्षेत्र का मामला, वर्ष 2023 में महिला ने युवक के विरुद्ध लिखाई थी प्राथमिकी

    2. दुष्कर्म के आरोप के बाद भी पुलिस ने नहीं लगाई धारा, दहेज उत्पीड़न में लगा दी चार्जशीट

    जागरण संवाददाता, बरेली। तीन साल पहले शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में सीबीगंज पुलिस ने खेल कर दिया। प्राथमिकी लिखने से लेकर विवेचना तक दो दारोगा और सिपाही किसी ने भी दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई। हैरत तो इस बात की है कि, शिकायती पत्र में दुष्कर्म का आरोप होने के बाद भी विवेचकों ने दहेज प्रताडना में चार्जशीट कोर्ट भेज दी।

    मामला जब एसएसपी अनुराग आर्य के संज्ञान में आया तो उन्होंने दो दारोगा समेत एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। तीनों के विरुद्ध विभागीय जांच भी बैठाई है। सीबीगंज निवासी एक युवती ने आठ दिसंबर, 2023 को प्राथमिकी लिखाई थी। आरोप था कि छह माह पहले उनकी मुलाकात बदायूं के उसावां निवासी शिवम सिंह हुई थी।

    कुछ दिन बाद आरोपित ने युवती से शादी का प्रस्ताव रखा और 13 जून, 2023 को आरोपित शिवम सिंह ने कचहरी में स्टांप पेपर पर लिखकर शादी की। कहा कि कुछ दिनों बाद वह कोर्ट मैरिज भी कर लेगा। आरोप है कि इसके बाद आरोपित ने सीबीगंज में ही किराए पर एक कमरा लिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

    पांच माह बाद 19 नवंबर, 2023 को आरोपित कमरे से अपना सभी सामान लेकर फरार हो गया। जब युवती आरोपित के घर पहुंची तो उसके स्वजन ने गाली-गलौज कर भगा दिया। मामले में युवती ने सीबीगंज थाने में प्राथमिकी लिखाई, लेकिन सीबीगंज पुलिस ने इसमें खेल कर दिया।

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    शिकायती पत्र में दुष्कर्म की बात लिखी होने के बाद भी मुख्य आरक्षी प्रवीण कुमार ने दुष्कर्म की धारा नहीं लगाई केवल दहेज प्रताड़ना की धारा लगाई। इस मामले की विवेचना दारोगा सचिन चौधरी (वर्तमान तैनाती नवाबगंज) को दी गई। उन्होंने भी इसमें दुष्कर्म की धारा को नहीं जोड़ा।

    सचिन का ट्रांसफर हो गया तो मामले की विवेचना थाने पर तैनात दारोगा रत्नेश कुमार (वर्तमान तैनाती थाना भुता) को दी गई। उन्होंने भी इसमें दुष्कर्म की धारा नहीं जोड़ी और दहेज उत्पीड़न में ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। इस मामले में पीड़ित महिला ने अब एसएसपी अनुराग आर्य को शिकायती पत्र दिया।

    मामले में एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच कराई तो सामने आया कि न तो दो मुकदमा लिखते समय मुख्य आरक्षी ने सही धारा लगाई, न ही दोनों विवेचकों ने विवेचना के समय दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी की।

    पुलिस के खेल को समझने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर दिया है। साथ ही तीनों के विरुद्ध विभागीय जांच भी बैठाई है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद आरोपितों के विरुद्ध और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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