जीजा संग रंगरेलियां मनाते पकड़ी गई तो बहन ने ही कर दिया बड़ी बहन का कत्ल, 13 साल बाद कोर्ट का बड़ा फैसला
अवैध संबंध का राज खुलने पर छोटी बहन ने जीजा के साथ मिलकर अपनी बड़ी बहन की हत्या कर दी ...और पढ़ें

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HighLights
परिवार और पुलिस को गुमराह करने को रचा षड्यंत्र, सीडीआर ने खोल दी दोनों की पोल
जागरण संवाददाता, बरेली। अवैध संबंध की पोल खुली तो जीजा के साथ मिलकर युवती ने अपनी ही बड़ी बहन की हत्या कर दी थी। मृतका पर पहले धारदार हथियार से हमला किया गया इसके बाद उसका गला दबा दिया गया। किसी को शक न हो इसलिए दोनों ने षड्यंत्र रचा और घर पर बताया कि चार बदमाश मृतका को खेत में खींचकर ले गए और हत्या कर दी।
विवेचना में पोल खुली तो दोनों को जेल भेजा गया। फैसला आने से पहले ही आरोपित जीजा की मौत हो गई। अब अपर सत्र न्यायाधीश-एक विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने मृतका की छोटी बहन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना 18 जून 2011 की रात करीब 8:30 बजे थाना भोजीपुरा के एक गांव की है। 32 वर्षीय मृतका अपनी छोटी बहन के साथ खेतों में शौच के लिए गई थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी।
लगभग डेढ़ घंटे बाद छोटी बहन घबराते हुए घर पहुंची और अपने भाइयों को झूठी कहानी सुनाते हुए कहा कि चार बदमाश बड़ी बहन को जबरन झाड़ियों की ओर खींचकर ले गए।
स्वजन और ग्रामीण जब खेतों की तरफ पहुंचे, तो बड़ी का शव खून से लथपथ मिला। उसके मुंह में कपड़ा व घास ठूंसा हुआ था, सिर पर धारदार हथियार की गंभीर चोटें थीं। गले में दुपट्टा कसकर उसकी हत्या की गई थी।
मृतका के भाई ने थाना भोजीपुरा में प्राथमिकी लिखाई। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि मृतका का पति जोकि पीलीभीत निवासी था, उसका अपनी साली से अवैध संबंध थे।
जिसे उसकी पत्नी (दोषी युवती की बड़ी बहन) ने देख लिया था। बड़ी बहन ने जब विरोध किया तो जीजा-साली ने उसे अपने रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इस घटनाक्रम को अंजाम दिया।
पुलिस ने विवेचना के दौरान दोनों आरोपितों की निशानदेही पर गांव के तालाब के पास झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त एक चाकू और एक लोहे का सरिया बरामद किया कर दोनों को जेल भेजा था। फैसला आने से पहले ही मृतका के पति की 2023 में मृत्यु हो गई थी। इसलिए अब कोर्ट ने आरोपित साली को दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सीडीआर से खुली थी दोनों की पोल
विवेचना के दौरान पुलिस को शक हुआ तो जीजा-साली के काल रिकार्ड को निकाला गया। पता चला कि दोनों की लंबी-लंबी बातचीत होती थी। लंबी काल डिटेल के आधार पर पुलिस का शक और गहरा गया था।
इसके बाद पुलिस ने जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार लिया। सरकारी वकील सुनील पांडेय ने कोर्ट में 12 गवाह पेश किए। फोरेंसिक व मेडिकल साक्ष्यों, हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और सीडीआर से घटना साबित हो गई।
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