Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बरेली में कांवड़ यात्रा के चलते बदली उर्स की तारीख, आला हजरत दरगाह प्रबंधन ने लिया फैसला

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 06:00 AM (GMT+05:30)

    कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए बरेली में उर्स-ए-रजवी की तारीखें बदल दी गई हैं। अब यह आयोजन 7-9 अगस्त के बजाय 6-8 अगस्त तक चलेगा, ताकि दोनों आयोजनों म ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. कांवड़ियों की भीड़ के कारण उर्स-ए-रजवी की तारीख बदली।

    2. उर्स अब 7-9 अगस्त की जगह 6-8 अगस्त को होगा।

    3. प्रशासनिक अधिकारियों की सलाह पर दरगाह प्रबंधन ने लिया निर्णय।

    जागरण संवाददाता, बरेली। कांवड़ियों के मार्ग में जायरीन की भीड़ न आए, इसे ध्यान में रखकर उर्स-ए-रजवी की तारीख बदल दी गई। आला हजरत दरगाह प्रबंधन ने तय किया कि अब उर्स छह अगस्त से शुरू होकर आठ को संपन्न कर दिया जाएगा।

    पूर्व में आयोजन सात से नौ अगस्त तक प्रस्तावित था। आला हजरत के तीन दिवसीय उर्स में बरेलवी सुन्नी मसलक को मानने वाले जायरीन (श्रद्धालु) देश-विदेश से आते हैं। पहले दो दिन धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर उलमा के व्याख्यान होते हैं।

    आला हजरत की दरगाह पर चादरपोशी की जाती है। तीसरे दिन कुल की रस्म में सर्वाधिक भीड़ में उमड़ती है। इसके लिए रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टैंड पर विशेष इंतजाम किए जाते हैं। दरगाह ने इस वर्ष के उर्स की तारीख सात से नौ अगस्त तय की थी।

    बुधवार को दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर हुसैन ने बताया कि सोमवार रात प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान से मुलाकात की थी। उन्हें बताया कि श्रावण में शुक्रवार से रविवार तक कांवड़ियों के जत्थे जल लेने बदायूं के कछला घाट या अन्य स्थानों पर जाते हैं।

    खबरें और भी

    नौ अगस्त को रविवार है। उस दिन उर्स का कुल हुआ तो दोहरी चुनौती होगी। इसके बाद दरगाह प्रबंधन ने उलमा की आठ सदस्यीय समिति से राय ली। उसमें तय हुआ कि उर्स छह से आठ अगस्त (गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार) तक रखा जाए। आठ अगस्त की दोपहर को कुल की रस्म के बाद शाम तक जायरीन वापस लौट जाएंगे।

    यह भी पढ़ें- बरेली से सिर्फ ₹19,717 में पहुंचे दुबई! इंडिगो ने जारी किया नया कनेक्टिंग फ्लाइट शेड्यूल, जानें समय और किराया