भयंकर कोहरा और 4 डिग्री पारा! नैनीताल से 7 डिग्री कम रहा पारा, मौसम विभाग ने जारी किया 'सीवियर कोल्ड डे' अलर्ट
बरेली में जनवरी माह में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां गुरुवार को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो नैनीताल से भी कम था। अधिकतम तापमा ...और पढ़ें

घने कोहरे की कैद में बरेली
HighLights
25 मीटर तक रही दृश्यता, लोगों को कम से कम बाहर निकलने की सलाह
जागरण संवाददाता, बरेली। जिले में मौसम का मिजाज जनवरी माह में तेजी से बदल रहा है, गुरुवार को गंभीर शीत दिवस की स्थिति बनी रही, जिसमें गलन और शीतलहर ने हाड़ कंपाने वाली सर्दी का अहसास कराया। जिले का अधिकतम तापमान भी नैनीताल से सात डिग्री सेल्सियस कम रहा, न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री का अंतर महसूस किया गया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी से कुछ हद तक राहत का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को जिले में गंभीर शीत दिवस (सीवियर कोल्ड डे) दर्ज किया गया। अधिकतम पारा 11.2 और न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, नैनीताल में अधिकतम पारा 18 और न्यूनतम पारा छह डिग्री सेल्सियस रहा, हालांकि पहाड़ों की चोटी पर न्यूनतम तापमान शून्य से भी कम रहा।

बरेली में सुबह से घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता शून्य से 25 मीटर तक रही, सर्द मौसम में हाथ-पैर कांपते रहे। दोपहर मेें चटख धूप निकली, लेकिन कुछ देर बाद सूरज आसमान में गुम हो गया। शाम ढलते ही फिर गलन और सर्दी ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया, ऐसे में अन्य दिनों की अपेक्षा सड़कों पर कम चहल कदमी देखी गई।
सीवियर कोल्ड ने किया बेहाल
प्रादेशिक मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों से प्रदेश में आ रही ठंडी और शुष्क पछुआ हवा और घने कोहरे के प्रभाव से धूप देर से निकलने से शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थितियों के कारण जनवरी के प्रथम सप्ताह के दौरान प्रदेश भर में पड़ी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 11 जनवरी तक कोहरे के घनत्व में कमी आने व तापमान में बढ़ोतरी होने से ठंड की स्थिति में अल्पकालिक सुधार की संभावना है।
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वहीं बदायूं में इस सीजन गुरुवार का दिन यानि आठ जनवरी अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। गुरुवार को पारा दो डिग्री और लुढ़क कर चार डिग्री पर पहुंच गया। स्थानीय लोगों की मानें तो अब तक उनकी याद में इतनी भयंकर ठंड कभी नहीं पड़ी। इसका सबसे बड़ा काफी चल रही बर्फीली हवाएं रहीं, जिनके चलते हर कोई परेशान दिखा। शहर में मुख्य सड़कों से लेकर गली मुहल्लों तक लोगों को अलाव के सहारे बैठा देखा गया।

बुधवार रात से ही कोहरा छाने लगा था। रात के समय कोहरे घना होने के चलते दृश्यता काफी कम थी। लेकिन रात 11 बजे तक न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री के बीच बना हुआ था। लेकिन इसके बाद हवाओं के तेज होने और बाद में कोहरा और घना छा जाने के बाद तापमान गिरना शुरू हुआ। बुधवार भोर में चार बजे तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो सुबह सात बजे तक बना रहा।

इस दौरान घर के बाहर मौजूद लोगों ने ठंड से बचने के लिए सिर्फ आग ही दिखाई दे रही थी। सड़कों पर सन्नाटा और जो दुकाने रोडवेज के आसपास खुली थीं, उन दुकानों के बाहर लकड़ियों को जलाकर लोग ठंड से बचते रहे।सुबह के समय भी इतना घना कोहरा था कि दृश्यता दस मीटर से भी कम की हो गई थी। लोगों को वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा।

हालत यह थी कि दिन निकलने के बाद भी कोहरा कम नहीं हो रहा था। पूर्वाह्न 11 बजे तक कोहरा शहर की सड़कों, गलियों और हाईवे पर साफ देखा जा सकता था। दोपहर 12 बजे कोहरा छटा, लेकिन धुंध फिर भी कम नहीं हुई। इस दौरान जब शहर में चहल पहल बढ़ी तो लोग ठिठुरते हुए जाते दिखाई दिए। खुद को पूरी तरह से ढकने के बाद भी ठंड उनकी कंपकपी छुड़ा रही थी।
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ऐसे में आग जलती देख लोग राहत महसूस करते और वहीं खड़े होकर कुछ देर सेंकते इसके बाद अपने काम से निकलते। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों के लिए थी। महिलाएं छोटे बच्चों को पूरी तरह से ढकने के बाद अपने आंचल में छिपाए रहीं। गुरुवार को भी पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे और सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए।

बर्फीली हवाओं ने पूरे दिन लोगों के लिए मुश्किल बनाए रखी। कई लोगों ने अपने प्लान कैंसिल कर घर में ही रहना तय किया। लोगों ने गली मुहल्लों और घरों में अलाव व रूम हीटर जलाकर अपनों को ठंड से बचाया। गुरुवार को न्यूतम तापमान चार डिग्री से लेकर रात आठ बजे तक आठ डिग्री तक पहुंच पाया था, जबकि अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।