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    BH सीरीज कार मालिक की छोटी सी भूल पड़ी भारी, 7 हजार टैक्स पर लग गई 39,600 रुपये की पेनाल्टी

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:01 AM (IST)

    BH सीरीज वाहन मालिकों के लिए अलर्ट! हर 2 साल में टैक्स जमा करना न भूलें। तय तारीख के बाद रोज ₹100 पेनाल्टी लगेगी, जिसमें कोई छूट नहीं मिलेगी। भारी जुर ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. सात किस्तों में प्रत्येक दो वर्ष पर जमा करना होता है पंजीकरण टैक्स

    कमलेश शर्मा, बरेली। भारत सीरीज (बीएच) में कार पंजीकृत कराने पर 'खास नंबर' मिल गया, टैक्स भी किस्तों में देने की सुविधा मिली...। मगर एक लापरवाही ने बड़ा नुकसान करा दिया। कार स्वामी भूल गए कि बीएच सीरीज की कार का टैक्स प्रत्येक दो वर्ष में जमा करना है। उन्हें 396 दिन इसकी सुधि आई, तब तक जेब पर भारी बोझ पड़ गया।

    उन पर टैक्स तो सिर्फ 7181 बना, मगर पेनाल्टी 39,600 रुपये जमा करनी होगी। बुधवार को उन्होंने संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय पहुंचकर टैक्स व पेनाल्टी जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी ली।

    सड़क-परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सितंबर 2021 में विशेष पैन इंडिया पंजीकरण के तहत भारत सीरीज के नंबरों की सुविधा शुरू गई। इसके अंतर्गत पंजीकृत वाहनों को किसी भी राज्य में चलाया जा सकता है। यानी, यदि किसी दूसरे राज्य में रहने चले जाएं तो दोबारा पंजीकरण की जरूरत नहीं पड़ती।

    मंडल में बीएच सीरीज वाले वाहन

    जिला दुपहिया (बाइक) चारपहिया (कार) कुल वाहन
    बरेली 1,212 2,499 3,711
    शाहजहांपुर 47 116 163
    बदायूं 38 152 190
    पीलीभीत 25 65 90
    कुल योग 1,322 2,832 4,154

    परिवहन अधिकारियों के अनुसार, बीएच सीरीज में 10 लाख रुपये तक के वाहन पर आठ प्रतिशत, 10 से 20 लाख तक के वाहन पर 10 प्रतिशत और 20 लाख से अधिक कीमत के वाहन पर 11 प्रतिशत टैक्स जमा करना पडता है। वाहन मूल्य में जीएसटी नहीं जोड़ी जाती है। इन वाहनों का टैक्स एकमुश्त जमा करने का प्रविधान नहीं है।

    इनका टैक्स प्रत्येक दो वर्ष में जमा करना होगा। तय तारीख तक यदि टैक्स जमा नहीं किया तो प्रतिदिन 100 रुपये की दर से पेनाल्टी देनी होती है। सामान्य पंजीकरण के अंतर्गत 10 लाख रुपये तक के वाहन पर नौ प्रतिशत, 10 लाख से अधिक मूल्य के वाहन पर 11 प्रतिशत एकमुश्त टैक्स 15 साल के लिए जमा कराया जाता है।

    वाहन के मूल्य में जीएसटी भी शामिल की जाती है। 15 साल के बाद हर पांच साल पर ग्रीन टैक्स देने का प्रविधान है, जो कुल टैक्स का 10 प्रतिशत होता है।

    बीएच सीरीज व सामान्य पंजीकरण में कितना अंतर

    बीएच सीरीज व सामान्य पंजीकरण के टैक्स में अधिक अंतर नहीं होता। जैसे- यदि सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत नौ लाख रुपये की कार खरीदते समय 15 वर्ष का टैक्स 81 हजार रुपये जमा करना होगा, तो बीएच सीरीज में इसे किस्तों में दिया जाता है। यानी, औसतन इतनी ही धनराशि सात किस्तों में (14 वर्ष के लिए) जमा करनी होगी। इसमें कुछ प्रतिशत का अंतर आ सकता है।

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    टैक्स आनलाइन व एडवांस जमा करने की सुविधा

    बीएच सीरीज का टैक्स प्रत्येक दो वर्ष में जमा नहीं होने पर पेनाल्टी का सख्त नियम है, जिसमें किसी प्रकार की छूट नहीं मिलती। इसमें सुविधा भी मिली है कि भूलने का डर हो तो एडवांस में टैक्स जमा कर दें। यानी, दो वर्ष पूरे होने से पहले ही परिवहन विभाग की वेबसाइट पर टैक्स जमा कर सकते हैं। किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होती।

    इन्हें मिल सकता बीएच सीरीज का नंबर

    बीएच सीरीज का वाहन केंद्र सरकार के कर्मचारी, रक्षा बल (आर्मी, नेबी, एयरफोर्स) के कर्मचारियों को मिल सकता है। इसके साथ ही जिन कंपनियों के कार्यालय कम से कम चार राज्यों में हों, उनके कर्मचारी भी इस सीरीज में वाहन पंजीकृत करा सकते हैं।

     

    बीएच सीरीज वाले नंबर के लिए पात्रता निर्धारित है। इन वाहनों का संचालन किसी भी प्रदेश में किया जा सकता है। स्थान बदलने पर दोबारा पंजीकरण कराने और नंबर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। हर दो साल पर टैक्स जमा करना जरूरी है। अगर समय पर टैक्स जमा नहीं किया तो प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी देनी पड़ती है, इसमें किसी तरह की कोई रियायत नहीं मिलती। बीएच सीरीज वाले वाहन स्वामी टैक्स जमा करने में एहतियात बरतें, नहीं तो आर्थिक दंड भुगतना पड़ सकता है।

    - पंकज सिंह, आरटीओ प्रशासन


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