सीएम योगी की दो टूक: 'घर-घर जाएं जनप्रतिनिधि', बरेली-बदायूं में SIR की खराब स्थिति पर जताई चिंता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों को घर-घर जाकर लोगों से संवाद करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बरेली और बदायूं में एसआईआर ...और पढ़ें
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एसआइआर को लेकर समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, साथ में मंत्री सुरेश खन्ना
HighLights
बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान नगरीय क्षेत्रों की स्थिति पर जताई चिंता
मतदाता सूची से नाम कटने पर विपक्षियों पर संदेह, कड़ी निगरानी के आदेश
बरेली कैंट और बदायूं सदर में बूथ प्रबंधन सुधारने पर जोर
जागरण संवाददाता, बरेली। बदायूं सदर, बरेली नगर व कैंट विधानसभा क्षेत्र में एसआइआर की स्थिति खराब बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई। गुरुवार को समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों व भाजपा जिलाध्यक्षों से कहा कि घर-घर जाएं, टीम लगाकर काम करें। प्रत्येक पात्र व्यक्ति का वोट जरूर बने। उन्होंने मतदाता सूचियों से कई नाम कटने पर विपक्षी दलों पर संदेह जताते हुए कड़ी नजर रखने को कहा।
शाम 5.30 बजे सर्किट हाउस पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत मंडल में अब तक हुए कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं के आंकड़ों को सामने रखकर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि से बात की।
समीक्षा में पाया कि नगरीय क्षेत्रों की स्थिति ठीक नहीं है। खासकर बरेली शहर, बरेली कैंट और बदायूं शहर की खराब स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने जिलाध्यक्षों और विधायकों से कहा कि यदि अपने पोलिंग बूथ को मजबूत नहीं करेंगे तो चुनाव नहीं जीत पाएंगे। बूथ प्रबंधन सबसे जरूरी है।
बोले, जो मतदाता अभी मिले नहीं हैं, घर-घर जाकर उनकी तलाश करें। उनके एसआरआर फार्म भरवाकर जमा कराएं। इसकी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि एवं जिलाध्यक्ष लें। जनप्रतिनिधियों को आगे भी चुनाव लड़ना है, घर-घर जाकर लोगों से जुड़ेंगे तो निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। जिन क्षेत्रों में स्थिति खराब है, उसे सुधारने के लिए पूरी टीम को लगाएं।
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उन्होंने विपक्षियों से भी सतर्क रहने को कहा। बोले, एसआइआर के अब तक के कार्य में कई मतदाता मिल नहीं रहे, कई शिफ्ट हो गए हैं, कई की मृत्यु हो गई है। आशंका जताई, कहीं विपक्षी इसमें भी गड़बड़ी का प्रयास तो नहीं कर रहे। विपक्षियों के बताने पर बीएलओ ने सूची में नाम तो नहीं काट दिए।
उन्होंने पदाधिकारियों से विपक्षियों पर भी कड़ी नजरें बनाए रखने को कहा। करीब 40 मिनट समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पुत्र के अपूर्व के विवाह समारोह में शामिल होने आइवीआरआइ गए। इसे पहले महापौर डा. उमेश गौतम के बेटे पार्थ व बहू जाह्नवी को आशीर्वाद देने सिविल लाइंस आफिस पहुंचे। पार्थ की शादी पांच दिसंबर को हुई थी। इसके बाद देर शाम सीएम लखनऊ लौट गए।