Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हनुमान जयंती: हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग का अद्भुत संयोग, जानें बजरंगबली की कृपा पाने का शुभ मुहूर्त

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 05:58 AM (IST)

    हनुमान जयंती 2 अप्रैल गुरुवार को हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग के शुभ संयोग में मनाई जाएगी। चैत्र पूर्णिमा पर पड़ने वाला यह पर्व इस विशेष योग के कारण अत्य ...और पढ़ें

    हनुमान जी

    हनुमान जी

    HighLights

    1. दो अप्रैल गुरुवार को मनाई जाएगी हनुमान जयंती

    जागरण संवाददाता, बरेली। अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता, जिनके नाम लेने मात्र से ही भक्तों के संकट मिट जाते हैं। ऐसे पवन पुत्र हनुमान जी का जन्मोत्सव दो अप्रैल गुरुवार को मनाया जाएगा। धर्मशास्त्रों के अनुसार हनुमान जी चैत्र मास की पूर्णिमा को ही प्रकट हुए थे। ज्योतिष के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि बुधवार की सुबह 7:05 से ही शुरू हो जाएगी जो दो अप्रैल गुरुवार को सुबह 7:45 तक रहेगी।

    उदया तिथि का विशेष महत्व होता है, जिसके चलते यह पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस बार गुरुवार को हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग रहेगा, जिसके चलते इस पर्व का महत्व कई गुणा अधिक बढ़ जाएगा।

    ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्र ने बताया कि धर्म शास्त्रों के अनुसार, हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जबकि नक्षत्र कन्या राशि के अंतर्गत आता है और कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। हस्त नक्षत्र मंडल के स्वामी सूर्य देव हैं। यानी चंद्रमा सुंदरता, सूर्य सकारात्मकता, वहीं बुध बुद्धि और विवेक का कारक माना जाता है।

    ऐसे में इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन में सौंदर्य का निखार आएगा साथ ही बुद्धि, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का जीवन में विस्तार होगा। वहीं, ध्रुव योग ज्योतिष में 27 योगों में से 12वां, एक अत्यंत शुभ और स्थिर योग माना जाता है। यह योग स्थिरता, धैर्य व सफलता का प्रतीक है। इस दिन पूजन करने से हर कार्य में सफलता मिलेगी।

    खबरें और भी

    हनुमान जयंती का आध्यात्मिक महत्व

    हनुमान जयंती आध्यात्मिक चिंतन और आत्म निरीक्षण का समय है, क्योंकि भक्त हनुमान जी के गुणों को अपने जीवन में अपनाने की आकांक्षा रखते हैं। यह बाधाओं पर काबू पाने और आध्यात्मिक विकास प्राप्त करने में भक्ति, विनम्रता और निस्वार्थता की शक्ति की याद दिलाता है।

    पूरे भारत और दुनिया भर के कई देशों में हनुमान जयंती बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाई जाती है। इस उत्सव में शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद बांटने का चलन है। यह भक्तों के लिए हनुमान जी की दिव्य कृपा का उत्सव मनाने तथा सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक पूर्णता के लिए उनका आशीर्वाद मांगने का समय है।

    लड्डू, बूंदी, केले के फल का लगाएं भोग

    हनुमान जयंती की सुबह जल्दी स्नान करके केसरिया या लाल रंग के कपड़े पहनें। यदि व्रत रख रहे हैं तो बजरंगबली का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद हनुमानजी के मंदिर जाकर उनकी प्रतिमा पर सिंदूर लगाएं। उन्हें विधि-विधान से पूजा सामग्री अर्पित करें।

    हनुमान चालीसा पढ़ें, बजरंग बाण का पाठ करें। आखिर में आरती अवश्य करें। सुंदरकांड का पाठ भी चमत्कारी फल देगा। हनुमान जी को बेसन के लड्डू, खीर, बूंदी, केले के फल आदि का भोग लगाएं।


    यह भी पढ़ें- झटका! रिचार्ज के बाद भी अंधेरे में उपभोक्ता: बरेली में प्रीपेड स्मार्ट मीटर बना जी का जंजाल