झटका! रिचार्ज के बाद भी अंधेरे में उपभोक्ता: बरेली में प्रीपेड स्मार्ट मीटर बना जी का जंजाल
बरेली में प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। माइनस बैलेंस होते ही बिजली कट जाती है और रिचार्ज पर पुराने बकाया भी वसूले ज ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
कागजों तक सीमित विभाग का दावा, नियमित नहीं खपत की जानकारी
रिचार्ज करने पर भी माइनस बैलेंस, दोबारा रिचार्ज पर आ रही बिजली
जागरण संवाददाता, बरेली। करोड़ों का बकाया बिल वसूलने में विफल हुए विद्युत विभाग ने प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग का ऐसा खेल खेला है कि उपभोक्ताओं की बोलती बंद हो गई है। माइनस बैलेंस होते ही बिजली कट जा रही है, रिचार्ज करने पर बिजली चालू कराने के लिए पुराना बकाया का भी वसूल लिया जा रहा है। बिल तो वसूल लिया जा रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं को जिस तरह की सहूलियत मिलनी चाहिए, नहीं मिल पा रही है।
यूपीपीसीएल स्मार्ट एप पर नियमित जानकारी तक नहीं दी जा रही है। चार दिन बाद अचानक बैलेंस कम होने का संदेश दिखाई पड़ने लगता है। उपभोक्ताओं को समझाने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन विभाग के तमाम अधिकारी, कर्मचारी ही उसे नहीं कर पा रहे हैं।
विद्युत वितरण निगम का निजीकरण करने की कवायद तेजी से शुरू हुई थी। निजीकरण तो नहीं हुआ, लेकिन प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग शुरू करा दी गई। अब तक 1.14 लाख उपभोक्ताओं के घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिनके पोस्टपेड स्मार्ट मीटर लगे थे, उन्हें भी प्रीपेड में परिवर्तित कर दिया गया है।
दावा किया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद नियमित मोबाइल पर मैसेज आ रहा है। यूपीपीसीएल स्मार्ट एप पर खपत और बैलेंस की जानकारी दी जा रही है, लेकिन शिकायतें मिल रही हैं कि इन सुविधाओं में अवरोध आ रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि रिचार्ज करने पर तुरंत रीकनेक्शन हो रहा है।
खबरें और भी
लेकिन लोगों को हेल्पडेस्क, कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराने के बाद कनेक्शन जुड़ पा रहा है। ज्यादा समस्या उन उपभोक्ताओं के सामने आ रही है जिनके पोस्टपेड स्मार्ट मीटर को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में परिवर्तित किया गया है। वह माइनस बैलेंस होने पर रिचार्ज कर रहे हैं तो भी कनेक्शन नहीं जुड़ पा रहा है।
कंट्रोल रूम से लेकर हेल्पडेस्क तक लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अधिकारी वजह बता रहे हैं कि रिचार्ज करने पर प्रीपेड का बकाया भी समायोजित किया जा रहा है, इसलिए एप में देखकर अधिक रिचार्ज करें। पढ़े-लिखे जागरूक उपभोक्ता तो स्मार्ट एप चला ले रहे हैं, लेकिन अनपढ़ और कम पढ़े-लिखे उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जब से स्मार्ट मीटर लगा है बिजली का खर्चा बढ़ गया है। 26 मार्च से पता ही नहीं चल रहा है कि बिजली का कितना उपभोग हुआ और बैलेंस तेजी से कम हो रहा है। बिजली का खर्च तो कम हो रहा है, लेकिन यूनिट तेजी से बढ़ रहा है। - विमलेश गुप्ता, सिद्धार्थनगर
बिजली का स्मार्ट मीटर माइनस बैलेंस देखकर रिचार्ज कराया फिर भी बिजली नहीं आई। बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचा तो बताया गया कि अब भी माइनस बैलेंस है। दोबारा रिचार्ज कराया तब जाकर आधा घंटे बाद बिजली आई। - संजय सक्सेना, सुभाषनगर
स्मार्ट मीटर से बिल ज्यादा आ रहा था। विभाग के अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का निस्तारण नहीं कराया गया। विवश होकर उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर करना पड़ा है। - एसपी सिंह, आशीष रायल पार्क
प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद शुरूआती दौर में सर्वर की दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब उपभोक्ता को मोबाइल पर पूरी जानकारी मिल रही है। रामपुर गार्डन स्थित विभागीय कार्यालय में बनाए गए सात हेल्पडेस्क पर उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी दी जा रही है। परिसर में कैंप लगाकर मोबाइल में स्मार्ट एप चलाना भी सिखाया जा रहा है। व्यवस्था में बदलाव हुआ है, विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को समझाया जा रहा है, उपभोक्ता को भी जागरूक होना पड़ेगा।
- ज्ञान प्रकाश, मुख्य अभियंता नगरीय क्षेत्र
यह भी पढ़ें- बरेली से नवी मुंबई के लिए उड़ी पहली फ्लाइट; केक काटकर यात्रियों ने मनाया जश्न, जानें नई टाइमिंग