लू के थपेड़ों से बचने की तैयारी: बरेली मंडल के अस्पतालों में कूलर-AC और आइस पैक तैनात, गाइडलाइन जारी
बरेली में गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है, मौसम विभाग ने हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। जिला अस्पताल में हीट वेव वार्ड सक्रिय किया गया है, और मंडल के स ...और पढ़ें

जिला अस्पताल में बनाया गया हीट स्ट्रोक वार्ड। जागरण
HighLights
कम से कम छह बेड का वार्ड जरूरी, कूलर-पंखे के साथ आइस पैक के भी इंतजाम
जागरण संवाददाता, बरेली। तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान होने लगे हैं। दिन के साथ रातें भी गर्म होने लगी हैं। मौसम विभाग ने हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए जिला अस्पताल में बना हीट वेव वार्ड सक्रिय कर दिया गया है। इमरजेंसी में हीट स्ट्रोक का कोई भी मरीज आएगा तो उसका इसी वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाएगा।
बरेली के अलावा मंडल के सभी जिलों में जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी वार्ड बन गए हैं और जहां रह गए हैं, वहां बनाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के ऊपर हीट वेव वार्ड बनाया गया है। इमरजेंसी में आने वाले किसी मरीज में यदि हीट स्ट्रोक के लक्षण मिलते हैं तो उसे तुरंत इसी वार्ड में भर्ती किया जाएगा।
नियम के तहत वार्ड में कूलर और पंखे होने जरूरी हैं, हालांकि जिला अस्पताल के वार्ड में एसी भी लगा हुआ है। मरीज भर्ती होने पर उसके शरीर के तापमान को कम करने के लिए ठंडे पानी में उसे लिटाया जाएगा। यदि लिटाने की व्यवस्था नहीं है तो पानी से भीगा कपड़ा शरीर पर डाला जाएगा।
इसके अलावा छह जैल आइएस पैक भी होने जरूरी हैं, जिन्हें मरीज के शरीर पर अलग-अलग लगाया जाएगा। मंडल में दो साल पहले पीलीभीत के एक मरीज की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई थी। पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर जिला अस्पताल में छह या इससे अधिक बेड के वार्ड बनाए गए हैं।
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मंडलीय सर्विलांस अधिकारी कार्यालय से सभी जगह की मानिटरिंग भी शुरू हो गई है। सभी सरकारी अस्पतालों को रोजाना की रिपोर्ट भी मंडलीय कार्यालय में भेजनी है। हालांकि अभी पीलीभीत से डेली रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही है।
डिप्टी सीएमओ डा. अजमेर सिंह ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के साथ भीषण गर्मी को देखते हुए हीट वेव प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी गई है। इसी के तहत फ्रंटलाइन वर्कर्स को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को प्रशिक्षित किया गया है कि वह लोगों को जागरूक करें कि हीट वेव से कैसे बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोग धूप में न निकलें तो बेहतर है। जरूरत पर निकलना पड़े तो शरीर को कपड़े से ढककर रखें। चेहरे को भी धूप से बचाएं। छाता लेकर निकलें। इसके अलावा शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी, नीबू पानी, नारियल पानी आदि का सेवन करें।