Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'लाइफ इस फॉर जिहाद' नाम से बनाया था वाहट्सएप ग्रुप, आतंकवादी इनामुल हक समेत 31 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खुली

    Updated: Wed, 16 Apr 2025 02:31 PM (IST)

    Bareilly News In Hindi बरेली में आतंकवादी इनामुल हक समेत 31 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इनामुल हक पर जिहाद के लिए नेटवर्क खड़ा करने और लोकतां ...और पढ़ें

    Bareilly News: आतंकी इनामुल हक। सौजन्य से इंटरनेट मीडिया
    Bareilly News: आतंकी इनामुल हक। सौजन्य से इंटरनेट मीडिया

    HighLights

    1. लाइफ इस फार जिहाद नाम से बनाया था वाहट्सएप ग्रुप
    2. वर्ष 2020 में किला के कटघर स्थित घर में आकर रहने लगा था इनामुल
    3. अल-कायदा का था एजेंट

    जागरण संवाददाता, बरेली। Bareilly News: देश विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंकी मो. इनामुल हक समेत 31 अपराधियों की मंगलवार को हिस्ट्रीशीट खुल गई। जिहाद के लिए नेटवर्क खड़ा करने, लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार के विरुद्ध किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के आरोप में उसे सजा सुनाई गई थी।

    विशेष न्यायाधीश एनआइए विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने दस वर्ष कठोर कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाने के साथ ही टिप्पणी की थी कि आतंकी ओसामा बिन लादेन जैसे कट्टर आतंकी के मार्ग पर चल कर विभिन्न संगठनों के नेटवर्क से जुड़ कर इस्लामी कट्टर पंथी जिहादियों का कई देशों में विस्तार कर अपना अधिपत्य स्थापित करने के प्रयास में था। इसके अलावा हिस्ट्रीशीट खुलने के अपराधियों में 27 गोकुशी, दो एनडीपीएस व एक वाहन चोरी का अपराधी शामिल है।

    एसएसपी ने दिए निर्देश

    एसएसपी अनुराग आर्य ने शुरू से ही अपराध और अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। जिले में लगातार बढ़ती गोकुशी और एनडीपीएस के मामलों के अपराधियों के साथ किला थाना के कटघर निवासी आतंकी इनामुल हक की भी हिस्ट्रीशीट खोली गई है। हालांकि उसे सजा हो चुकी है, लेकिन फिर भी पुलिस की ओर से उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई। पुलिस की ओर से जारी डाटा के अनुसार, सबसे ज्यादा हिस्ट्रीशीट भोजीपुरा थाने में 10 अपराधियों की खोली गई हैं।

    इसके अलावा देवनरिया में नौ, सिरौली बहेड़ी और फतेहगंज पश्चिमी में दो-दो व मीरगंज, शीशगढ़, प्रेमनगर, किला, बिशारतगंज और अलीगंज में एक-एक अपराधी की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इनमें से बिशारतगंज व अलीगंज अपराधियों की एनडीपीएस में, प्रेमनगर के अपराधी की वाहन चोरी में व किला की आतंकवादी होने पर हिस्ट्रीशीट खुली है।

    खबरें और भी

    इनकी खुली हिस्ट्रीशीट

    मीरगंज के पप्पू कुरैशी, सिरौली के आबिद अली, साजिद, बहेडी के खलील अहमद, बहेडी के हसीब, शीशगढ के अफजाल उर्फ छोटे, देवरनिया के इरफान, चांद उर्फ चन्ना, आमिर, अनवार हुसैन, शमशाद, कल्लू उर्फ कलुआ, आरिफ उर्फ पद्दा, शाहिद, और तस्लीम शामिल है।

    इसके अलावा फतेहगंज पश्चिमी के सलीम, युसूफ मंसूरी, भोजीपुरा के छुट्टन उर्फ छुटन्ना, कल्लू, इस्माइल, मुहम्मद ताहिर, सलीम उर्फ कालिया, सलमान, जाकिर, फईम, अफसार और मुहम्मद नसीम के साथ ही प्रेमनगर का अंजुम खां, किला का मुहम्मद इनामुल हक, बिशारतगंज का साजिद हुसैन उर्फ सद्दाम व अलीगंज का संजीद खां शामिल है।

    15 जून को एटीएस ने किला से उठाया था आतंकी, 18 को दर्ज हुई प्राथमिकी

    इनामुल की पैतृक संपत्ति तिलक इंटर कालेज मैदान के पीछे कटघर में है। उसके पिता इनरुल हक की उत्तराखंड के पंतनगर में नौकरी लग गई, जिसके बाद करीब 35 साल पहले पूरा परिवार उत्तराखंड में ही रहने लगा था। वर्ष 2020 में इनामुल व उसका भाई अपने पैतृक मकान में आकर रहने लगे थे। वहां पहले से जो किरायेदार रहते थे, उन्हें निकाल दिया। दोनों भाइयों की गतिविधियां संदिग्ध होने की सूचना एटीएस को भी लग गई। इसके बाद आठ-10 रेकी के बाद 15 जून, 2020 की रात करीब साढ़े आठ बजे उसे घर से पकड़ लिया गया।

    अलकायदा एजेंट होने के पर्याप्त सुबूत मिले

    पूछताछ में इनामुल के अलकायदा एजेंट होने के पर्याप्त सुबूत मिलने के बाद एटीएएस उसे लखनऊ ले गई। वहां 18 जून 2020 को उसके विरुद्ध प्राथमिकी लिखाई गई। गिरफ्त में आए आतंकवादी के फोन से पता चला कि आतंकी टेलीग्राम और वाट्सएप के माध्यम से सरकार के विरुद्ध किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे। इस काम के लिए इसने लाइफ इस फार जिहाद नामक वाहट्सएप ग्रुप बना रखा था। उसके फोन में जिहाद के नाम पर मारे गए कमलेश तिवारी की हत्या की फोटो समेत भारी मात्रा में जिहाद से संबंधित सामग्री भी मिली थी।

    सजा से छुटने के बाद भी रडार होगा आतंकी

    कोर्ट ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिले में उसके विरुद्ध एक भी प्राथमिकी पंजीकृत नहीं है। ऐसे में अब जब उसकी हिस्ट्रीशीट खुल गई तो आतंकी के सजा पूरी होने के बाद लौटकर आने पर भी बरेली पुलिस उसकी निगरानी कर सकती है।

    ये भी पढ़ेंः आतंकी बेटे सईदुल को देखते ही मारे थप्पड़, फिर रो पड़ीं मां; जालंधर ब्लास्ट में पकड़ा है अमरोहा का युवक

    ये भी पढ़ेंः Smart Meters: घरों पर सीढ़ी लगाकर कनेक्शन काटने का झंझट खत्म, अब एक क्लिक पर गुल होगी बकाएदारों की बिजली!

    आतंकवादी समेत 31 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। इसमें 27 गोकुशी, दो एनडीपएस व एक वाहन चोर शामिल हैं। अपराध करने वाले अपराधियों को छोड़ा नहीं जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी।