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    बरेली-सीतापुर हाईवे पर अब AI का 'कड़ा पहरा': ओवरस्पीड या रॉन्ग साइड चले तो तुरंत जलेगी रेड लाइट, जानें नया नियम

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 07:26 AM (GMT+05:30)

    बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे (NH-24) पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निगरानी होगी। ओवरस्पीड और रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर कंट्रोल रूम में रेड लाइट जलेग ...और पढ़ें

    नेशनल हाइवे

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    HighLights

    1. बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे पर लगवाए जा रहे एआइ आधारित सीसीटीवी कैमरे

    2. प्रमुख स्थानों पर लगेंगे वीएमएस साइनबोर्ड, आगे के अवरोधकों की देंगे जानकारी

    कमलेश शर्मा, बरेली। तकनीकी युग में एआइ (आर्टिफिशियल इंटलिजेंस) का दखल हर क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बरेली-सीतापुर हाईवे पर लगवाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों में भी इसका उपयोग कर रहा है। संवेदनशील स्थानों पर एआइ आधारित विशेष कैमरे लगाए जाएंगे।

    हाईवे पर किसी वाहन के ओवरस्पीड दौड़ने, रांग साइड राइडिंग और दुर्घटना होने पर कंट्रोल रूम में लाल बत्ती जलने लगेगी। एनएचएआइ की मोबाइल टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई और राहत कार्य करेगी। सड़क मार्ग से राजधानी लखनऊ तक आवागमन सुगम बनाने के लिए 157 किमी बरेली-सीतापुर हाईवे को फोरलेन में परिवर्तित कराया जा रहा है।

    अब शासन स्तर पर इसे सिक्सलेन बनवाने की प्रक्रिया चल रही है। हाईवे पर लाइटें लगवाई जा चुकी हैं, लेकिन कई स्थानों पर अंडरपास और फ्लाइओवर निर्माण की प्रक्रिया अभी चल रही है। एनएचएआइ ने बरेली से लेकर सीतापुर तक कैमरे लगवाने क लिए तार बिछवाने का काम आरंभ करा दिया है। खास बात यह है कि इन कैमरों में एआइ का उपयोग किया जा रहा है।

    एक से दो किमी के अंतराल पर सामान्य कैमरे लगाए जा रहे हैं। हाईवे पर स्थित शहरों, कस्बों, प्रमुख चौराहों पर वरीयता के आधार पर कैमरे लगवाए जा रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर विशेष कैमरे लगवाए जा रहे हैं। एनएचएआइ के अधिकारियों का कहना है कि इन कैमरों में तीन बिंदुओं पर फोकस किया गया है।

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    ओवरस्पीड वाहन दिखने, रांग साइड राइडिंग दिखने और कोई दुर्घटना होने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट देंगे, कंट्रोल रूम में लाल बत्ती जल जाएगी। लाल बत्ती जलते ही एनएचएआइ की मोबाइल टीम सक्रिय हो जाएगी। ओवरस्पीड और रांग साइड ड्राइविंग करने वालों को रोक कर कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य आरंभ हो जाएंगे।

    इसके अलावा कुछ प्रमुख स्थानों पर वैरियवल मैसेज साइनबोर्ड (वीएमएस) लगवाए जाएंगे। इन पर कंट्रोल रूम से हाईवे पर आगे के अवरोधों की जानकारी प्रसारित होती रहेगी। इधर, हाईवे को सिक्सलेन में परिवर्तित कराने की प्रक्रिया भी आरंभ हो चुकी है।

    नवदिया झादा पर सिक्सलेन फ्लाइओवर निर्माण को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। मुरादाबाद से बरेली तक सिक्सलेन बनाने का टेंडर भी निकल चुका है। माना जा रहा है कि जल्द ही बरेली से सीतापुर खंड को भी सिक्सलेन की मंजूरी मिल सकती है।

     

    बरेली-सीतापुर नेशनल हाईवे पर शहर, कस्बों, प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। इनमें एआइ का भी उपयोग किया जा रहा है। हाईवे पर वाहनों की ओवरस्पीड, रांग साइड राइडिंग और दुर्घटना की जानकारी तत्काल कंट्रोल तक पहुंचेगी। प्रमुख स्थानों पर वैरियवल मैसेज साइनबोर्ड भी लगवाए जा रहे हैं, जिन पर हाईवे से संबंधित सूचनाएं प्रसारित होती रहेंगी।

    - नवरत्न, परियोजना निदेशक एनएचएआइ


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