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    UP Railway News: गाजियाबाद-लखनऊ रूट पर बड़ा अपडेट, बरेली में बनेगा खास बाइपास, देखें पूरा रूट मैप

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 07:00 AM (IST)

    गाजियाबाद-लखनऊ रेल मार्ग पर चार लाइन बिछाने का काम चल रहा है। बरेली में टिसुआ के पास एक नया बाईपास बनाया जाएगा। इससे रेल यातायात का डायवर्जन होगा और इ ...और पढ़ें

    बरेली रेलवे जंक्‍शन

    बरेली रेलवे जंक्‍शन

    HighLights

    1. रेलवे अधिकारियों को जंक्शन पर टर्निंग प्वाइंट बनाने में आ रही दिक्कत

    2. पीलीभीत से आने-जाने वाली गाड़ियों को अभी चंदौसी रूट से ले जाया जा रहा

    अनूप गुप्ता, जागरण, बरेली। लखनऊ-दिल्ली रेल लाइन के बीच फोर लाइन का निर्माण किया जाना है। जंक्शन पर पहले से ही छह प्लेटफार्म है। ऐसे में यहां जगह की कमी को देखते हुए टिसुआ के पास बाइपास बनाने की कवायद चल रही है। जिससे रेल ट्रैफिक का डायवर्सन तो होगा ही।

    साथ ही इसके बाद यह संभावना भी तलाशी जा रही है कि पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) की इज्जतनगर मंडल से आने वाली जो ट्रेनें अभी जंक्शन पर टर्निंग प्वाइंट न होने से संचालित नहीं हो पा रही, उन्हें भी इस बाइपास से कनेक्ट कर मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली की ओर दौड़ाया जा सके। इससे लखनऊ-सीतापुर-मैलानी के रास्ते दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी आसानी होगी।

    हालांकि अधिकारियों को अभी सिरे से काम करना होगा। लखनऊ से सीतापुर, लखीमपुर, मैलानी और पीलीभीत होते हुए दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों का संचालन बरेली-चंदौसी रूट से हो रहा है। वजह यह है कि जंक्शन पर बरेली सिटी की ओर से आने वाली ट्रेनों का मुरादाबाद की ओर टर्निंग प्वाइंट ही नहीं है। रेलवे के अधिकारियों ने पूर्व में कोशिश भी की लेकिन जंक्शन पर जगह कम है।

    साथ ही लखनऊ-दिल्ली मेनलाइन पर ट्रेनों का काफी लोड होने से कोशिश नाकाम रही। अभी कुछ समय पर जंक्शन पर सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के सामने इसे लेकर उठे सवाल पर मुरादाबाद के वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने भी इस पर चिंता जाहिर की थी। चूंकि अब गाजियाबाद से लखनऊ तक बरेली होते हुए फोर लाइन प्रोजेक्ट पर बहुत ही तेजी से काम चल रहा है।

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    गाजियाबाद से वाया बरेली होकर लखनऊ की दूरी करीब 450 किलोमीटर है। इस रेल मार्ग पर मेल, एक्सप्रेस, मालगाड़ी ट्रेनों का काफी लोड है। 24 घंटा में करीब 350 ट्रेनों का संचालन होता है। दो रेल लाइन होने के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। चार लाइन वाला ट्रैक गाजियाबाद से लखनऊ तक बनेगा।

    करीब डेढ़ साल से बोर्ड के निर्देशन में एजेंसी और इंजीनियरिंग टीम सर्वे कर रही थी,जो अब अंतिम चरण में है। डीपीआर भी तैयार हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत बरेली में बाइपास से रेल लाइन निकाली निकाली जानी है। इसके लिए भिटौरा से रामगंगा, बुखारा होते हुए टिसुआ स्टेशन के पास रेल लाइन को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। यह रेल लाइन करीब 40 किलोमीटर लंबी होगी।

    इसी तरह से रामपुर से पहले बाइपास होकर एक लाइन तैयार होगी, जो रामपुर और नगरिया सादात के बीच में आकर जुड़ेगी। यह लाइन भी करीब 20 किलोमीटर लंबी होगी। रेलवे के अधिकारी टिसुआ बाइपास को लेकर यह संभावना भी तलाशने की बात कह रहे हैं, जिससे इज्जतनगर मंडल से गुजरने वाली दिल्ली की ट्रेनों को मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली के लिए गुजारा जा सके। हालांकि इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे को अभी रोडमैप बनाने के साथ पूरी तैयारी करनी है।

     

    अभी गाजियाबाद से लखनऊ के बीच दो लाइन हैं। इन्हें चार लाइन बनाया जाना है। इसके लिए टिसुआ स्टेशन के पास बाइपास भी प्रस्तावित है। इससे दिल्ली-लखनऊ के बीच रेल ट्रैफिक को बरेली जंक्शन पर लाए बगैर सीधे गुजारना आसान होगा।

    - आदित्य गुप्ता, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मुरादाबाद मंडल


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