बरेली में शिक्षकों को मिला 46 किलो भूसा जुटाने का अनोखा टारगेट, बवाल बढ़ा तो बैकफुट पर आया प्रशासन
बरेली में शिक्षकों को निराश्रित पशुओं के लिए 46 किलो भूसा इकट्ठा करने का आदेश दिया गया था, जिस पर शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के बाद खंड वि ...और पढ़ें

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HighLights
खंड विकास अधिकारी ने कार्रवाई की चेतावनी के साथ जारी किया था पत्र
शिक्षकों ने प्रदर्शन किया तो देर शाम आदेश बदला - भूसा दान स्वैच्छिक
जागरण संवाददाता, बरेली। निराश्रित पशुओं के लिए भूसा दान अभियान को बेसिक शिक्षा विभाग में आदेश बना दिया गया। नवाबगंज के खंड विकास अधिकारी सत्यदेव ने प्रत्येक शिक्षक को 46 किलोग्राम भूसा एकत्र नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इसके विरोध में गुरुवार को शिक्षकों ने प्रदर्शन किया तो खंड शिक्षा अधिकारी को बैकफुट पर आना पड़ा।
देर शाम उन्होंने नया पत्र जारी किया कि भूसा दान अनिवार्य नहीं, स्वैच्छिक है। इसमें किसी प्रकार का जोर-दबाव नहीं है। इस प्रकरण को सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निंदनीय बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर तंज भी कसा।
जिला प्रशासन ने भूसा दान अभियान में विभागों से सहयोग करने को कहा था। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. विनीता ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से सहयोग के लिए कहा था। नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी ने जनसहयोग के इस अभियान को आदेश में बदल दिया।
उन्होंने 22 मई को सभी शिक्षकों को पत्र जारी किया कि उनके क्षेत्र से 100 क्विंटल भूसा एकत्र कराया जाना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक विद्यालय 46-46 किलोग्राम भूसा एकत्र कराएं। इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी एवं पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में देना सुनिश्चित करें।
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यह कार्य एक सप्ताह में पूरा किया जाना है। इसमें शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। इस आदेश के विरोध में गुरुवार को यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि इस आदेश के विरोध में आंदोलन किया जाएगा।
शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष हरीशंकर ने भी विरोध जताया। प्रकरण तूल पकड़ने पर देर शाम खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से संशोधित पत्र जारी किया गया। इस प्रकरण में बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. विनीता ने कहा कि भूसा दान का कोई आदेश या दबाव नहीं है।
यह जीवहित का स्वैछिक अभियान है। इसी में सभी की भागीदारी होनी चाहिए। 22 मई को उनके कार्यालय से पत्र जारी कर भूसा दान की अपील की गई थी। खंड शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में जो आदेश जारी किया, वो गलत था, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अन्य विभागों से भी मांगा गया भूसा
जिला प्रशासन ने गोवंशों के लिए भूसे का सहयोग अन्य विभागों से भी मांगा है। इसके लिए बकायदा रशीद छपवाकर विभागों को दी गई है, जिसके माध्यम से उन्हें लोगों को भूसा दान के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है।
ऐसे में कई बड़े अधिकारी अपने क्षेत्र के लोगों से भूसा दान के लिए कह रहे हैं। जीएसटी सहित अन्य विभागों के अधिकारी भूसा के लिए कह रहे हैं।
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