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    ₹4000 की नौकरी के लिए अमीर महिलाएं भी रातों-रात बन गईं 'गरीब', बरेली में खुला ऐसा फर्जीवाड़ा कि उड़ गए होश

    Updated: Fri, 22 May 2026 04:10 PM (IST)

    बरेली में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती के लिए महिलाओं ने ₹4000 की नौकरी हेतु फर्जी बीपीएल आय प्रमाणपत्र बनवाए। सत्यापन में 100 से अधिक फर्जी प्रमाणपत्र पाए ...और पढ़ें

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    1. आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर भर्ती होने के लिए महिलाओं ने बीपीएल का बनवाया फर्जी आय प्रमाणपत्र

    जागरण संवाददाता, बरेली। चार हजार रुपये माहवार के मानदेय की आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती के लिए भी महिलाओं ने बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) के फर्जी आय प्रमाणपत्र बनवाकर आवेदन में अपलोड कर दिए, लेकिन सत्यापन में फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। अब इनके आवेदन निरस्त कर इन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है।

    अब तक सत्यापन में 100 से अधिक आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। सभी ब्लाकों का सत्यापन पूरा होने के बाद चयनित आंगनबाड़ी सहायिकाओं की सूची जारी की जाएगी। इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिले के अधिकारियों की ओर से शासन को भी अवगत कराया जाएगा ताकि दूसरे जिलों में हो रही भर्ती में फर्जीवाड़े पर रोक लग सके।

    बाल विकास परियोजना के तहत जिले में शहरी क्षेत्र को मिलाकर 16 ब्लाकों में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 705 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 18 नवंबर 2025 से आनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 8 दिसंबर 2025 थी। इतने पदों के लिए पांच हजार से अधिक महिलाओं ने आवेदन किए हैं।

    भर्ती के लिए मानक निर्धारित किए गए थे, जिसमें उसी ग्राम सभा या वार्ड की बीपीएल विधवा महिला को को प्रथम वरीयता, इसके बाद तलाकशुदा या परित्यकता और फिर बीपीएल को वरीयता दी जाएगी। इसके बाद गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) विधवा, एपीएल तलाकशुदा या परित्यकता और एपीएल को वरीयता दी जाएगी।

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    इसके लिए शैक्षिक योग्यता 12वीं और अधिकतम परास्नातक होगी। जिले में 311 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती के दौरान चयन प्रक्रिया में तमाम आरोप लगे थे और जांच के बाद कई लेखपालों को निलंबित किया गया था। ऐसे में आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती में अधिकारी कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसके लिए कई चरणों में सत्यापन किया जा रहा है।

    सीडीपीओ, डीपीओ, पीडी और जिला स्तरीय कमेटी के सत्यापन के बाद सीडीओ की ओर से सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बीपीएल आय प्रमाणपत्र की विशेष रूप से जांच की जा रही है। इसी दौरान अब तक 100 से अधिक आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए।

    आय प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर महिलाओं के आवेदन निरस्त किए और उन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इन प्रमाणपत्रों को एसडीएम की ओर से निरस्त कर दिया गया है और संबंधित लेखपाल पर कार्रवाई के संबंध में डीएम को अवगत कराया गया है।

    सीडीओ देवयानी ने बताया कि आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती की सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। कुछ आय प्रमाणपत्र गलत मिलने के साथ अन्य कमियां मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए हैं। आठ ब्लाक का सत्यापन पूरा हो चुका है। सत्यापन के बाद सूची जारी की जाएगी।

    यह कमियां भी मिलीं सत्यापन में

    • आवेदन में अंक तो भर दिए लेकिन अंकपत्र अपलोड नहीं किए।
    • स्नातक और परास्नातक का सीजीपीए सही भरा लेकिन अंक नहीं भरे।
    • स्नातक के स्थान पर नर्सिंग टीचर ट्रेनिंग, नर्सिंग डिप्लोमा, बीएड आदि के प्रमाणपत्र अपलोड कर दिए।
    • तीन साल से पहले का पुराना आय प्रमाणपत्र भी अपलोड किया।
    • वर्ष 2014 से पहले का आय प्रमाण पत्र लगा दिया, जो ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से सत्यापित नहीं हुआ।
    • निवास प्रमाणपत्र की जगह उसके बनवाने की रसीद अपलोड की।
    • दूसरी जगह की निवासी होने के बावजूद भी आवेदन किया।
    • आरक्षित पद एससी में ओबीसी और जनरल वर्ग के आवेदन किए।

     

    जिले में आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती के लिए आवेदनों में गलत प्रमाण पत्र लगाने की जानकारी मिली है। ऐसे प्रमाणपत्रों को निरस्त कराया जा रहा है। संबंधित पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही शासन को भी सूचना भेजी है।

    - अविनाश सिंह, डीएम


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