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    आखिर क्यों लखनऊ के डॉक्टरों ने भी अजय को इलाज से कर दिया मना? एक झोलाछाप की गलती जो पड़ गई जान पर भारी

    Updated: Wed, 04 Feb 2026 10:36 PM (GMT+05:30)

    बरेली में एक झोलाछाप द्वारा किए गए ऑपरेशन के बाद 20 वर्षीय युवक अजय की हालत गंभीर हो गई है। ऑपरेशन के बाद से लगातार खून बहने के कारण लखनऊ के डॉक्टरों ...और पढ़ें

    सीएमओ आफ‍िस के बाहर खड़े पर‍िजन

    सीएमओ आफ‍िस के बाहर खड़े पर‍िजन

    HighLights

    1. 20 हजार के लालच में हाइड्रोसील बताकर कर दिया आपरेशन

    2. सीएमओ दुकान को करा चुके सील, पीड़ित पक्ष ने लगाए कई आरोप

    जागरण संवाददाता, बरेली। इलाज के नाम पर झोलाछाप द्वारा किया गया आपरेशन एक युवक के लिए जानलेवा साबित हो गया। रकम के लालच में किए गए इस इलाज ने 20 वर्षीय युवक को जिंदगी और मौत के बीच लाकर खड़ा कर दिया है। आपरेशन के बाद से युवक का लगातार खून बह रहा है, हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। स्वजन जिला अस्पताल से लेकर लखनऊ तक इलाज की गुहार लगाते फिर रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

    इसकी शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आरोपित झोलाछाप की दुकान सील कर दी है, लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अब तक कोई बड़ी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते बुधवार को पीड़ित युवक के स्वजन सीएमओ कार्यालय पहुंचे और हंगामा किया। झोलाछाप को बचाने के आरोप भी लगाए गए।

    विश्वविद्यालय के पास डोहरा गौंटिया निवासी शिशुपाल के 20 वर्षीय बेटे अजय को कुछ समय से पेट दर्द की शिकायत थी। इलाज के लिए शिशुपाल उसे सनराइज कालोनी के पास स्थित पृथ्वी फार्मा क्लीनिक लेकर गए, जिसे जयवीर नाम का व्यक्ति संचालित करता है। आरोप है कि जयवीर ने बिना किसी जांच के अजय को हाइड्रोसील बता दिया और आपरेशन कराने का भरोसा दिलाया।

    शिशुपाल के अनुसार, छह दिसंबर को उन्होंने जयवीर को 20 हजार रुपये दिए। आरोप है कि उसी दिन जयवीर ने उनके बेटे का आपरेशन कर दिया। इसके बाद से अजय का खून लगातार बहता रहा। हालत बिगड़ने पर स्वजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, बाद में लखनऊ तक इलाज की आस में दौड़ लगाई, लेकिन अब चिकित्सक भी उसका इलाज करने से मना कर रहे हैं।

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    शिशुपाल का कहना है कि बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है और वे पूरी तरह टूट चुके हैं। बुधवार को शिशुपाल कई लोगों के साथ गंभीर रूप से बीमार बेटे को टेंपो से सीएमओ कार्यालय लेकर पहुंचे। वहां सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि आरोपी झोलाछाप जयवीर को बचाने की कोशिश की जा रही है।

    इधर, सीएमओ डा.. विश्राम सिंह का कहना है कि अजय कैंसर से पीड़ित है। जनवरी में शिशुपाल बेटे को लेकर जिला अस्पताल आए थे, जहां से उसे केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि झोलाछाप द्वारा इलाज किए जाने की शिकायत मिलने के बाद 14 जनवरी को ही जयवीर की दुकान सील कर दी गई थी।

    डिप्टी सीएमओ डा. अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के बाद सोमवार को दोनों ही पक्षों को पुलिस के पास भेजा जाएगा।

    डिप्टी सीएमओ ने दर्ज किए दोनों पक्षों के बयान

    स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने बुधवार को आरोपी झोलाछाप जयवीर और पीड़ित शिशुपाल को सीएमओ कार्यालय बुलाकर बयान दर्ज किए। डिप्टी सीएमओ डा. अमित कुमार ने बताया कि दोनों ही पक्षों को सुना गया है और उनके लिखित बयान भी लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ही पक्ष इलाज से जुड़े स्पष्ट रिकार्ड प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

     

    इस पूरे मामले की जांच चल रही है। शिशुपाल का बेटा अजय कैंसर से पीड़ित है। झोलाछाप के इलाज की शिकायत मिलने के बाद जनवरी में ही उसकी दुकान सील करा दी गई थी। बुधवार को दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई की गई है। दोनों ही पक्षों ने पुलिस में क्रॉस रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।

    - डा. विश्राम सिंह, सीएमओ


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