बस्ती में मंत्री जी की नहीं मानी बात, छिन गई प्रधानाचार्य की कुर्सी
बस्ती के अटल आवासीय विद्यालय हर्रैया के प्रधानाचार्य सुशील कुमार त्यागी को विभिन्न आरोपों में जांच के बाद पद से हटा दिया गया है। प्रधानाचार्य ने इसे ग ...और पढ़ें

मंडल स्तरीय अटल आवासीय विद्यालय हर्रैया के प्रधानाचार्य पर जांच के बाद हुई कार्रवाई। जागरण
HighLights
अटल आवासीय विद्यालय प्रधानाचार्य सुशील त्यागी पद से हटाए गए।
मंत्री की बात न मानने पर कार्रवाई का आरोप लगा।
प्रधानाचार्य ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ब्रजेश पांडेय, बस्ती। मंडल स्तरीय अटल आवासीय विद्यालय हर्रैया के प्रधानाचार्य सुशील कुमार त्यागी को विभिन्न आरोपों में जांच के बाद शासन से हटा दिया गया है। जिले में भ्रमण के दौरान श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कक्षा छह में एक बच्चे के नामांकन की इच्छा जताई थी। महकमे में यह चर्चा है कि उनकी बात न सुनने पर यह कार्रवाई की गई है।
हटाए जाने के बाद त्यागी ने विभागीय कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए आयुक्त, जिलाधिकारी और सीडीओ को पत्र लिखा है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्रधानाचार्य ने कहा है कि गलत रूप से दबाव देकर एक प्रतीक्षा सूची में शामिल बच्चे के नामांकन के लिए दबाव बनाया गया, नियम के विपरीत कार्य न करने पर हमें झूठे आरोपों में हटा दिया गया है, जबकि जीवन में हमने कभी गलत और अनुचित कार्य नहीं किया है।
प्रधानाचार्य ने कहा है कि शासनादेश के अनुसार मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रवेश परीक्षा संपन्न कराई जाती है और जो छात्र परीक्षा में अधिक अंक लाकर मेरिट लिस्ट में आते हैं, उन्हीं का नामांकन किया जाता है। एक छात्र रवि कुमार पुत्र सूर्य प्रकाश (जो कक्षा 6 में प्रवेश हेतु परीक्षा में कम अंक प्राप्त कर प्रतीक्षा सूची में 141 नंबर पर हैं ) के बारे में विभागीय अधिकारी द्वारा प्रवेश करने के लिए अनुचित दबाव दिया गया।
नामांकन संभव नहीं बताने पर आठ जुलाई को श्रम विभाग के तीन अधिकारी गण जांच के नाम पर विद्यालय में आए और पौधरोपण कर, चाय नाश्ता ग्रहण करने के बाद चले गए। गलत जांच तथ्यों के आधार पर मेरे टर्मिनेशन की स्वीकृति हेतु गलत जांच रिपोर्ट अटल आवासीय विद्यालय समिति लखनऊ को प्रेषित कर दी गई। उप -श्रम आयुक्त बस्ती की जांच रिपोर्ट के आधार पर दिनांक 13 जुलाई को मेरा टर्मिनेशन स्वीकृत हो गया।
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कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार से मेरी मांग है कि इस प्रकरण की पुन: उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराए, जिससे सही तथ्य सामने आ सके। इस कार्यवाही के बाद कुछ अभिभावक भी विद्यालय पहुंच गए थे।जिन्हें प्रधानाचार्य ने शांत कराया और कहा कि वह शासन के आदेश का पालन करते हुए यहां से जा रहे हैं।
महानिदेशक के आदेश में यह लगे हैं आरोप
अटल आवासीय विद्यालय उत्तर प्रदेश के महानिदेशक पूजा अग्रवाल के कार्यालय आदेश में उल्लेख किया गया है कि श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग मंत्री ने अवगत कराया है कि प्रधानाचार्य सुशील कुमार त्यागी के विरुद्ध स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अभिभावकों द्वारा अभद्र व्यवहार, प्रशासनिक शिथिलता एवं विद्यालय में अनुशासनहीनता संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
उस शिकायतों के दृष्टिगत उप श्रमायुक्त बस्ती की अध्यक्षता में गठित संयुक्त जांच समिति द्वारा प्रकरण की स्थलीय जांच की गई। जांच के दौरान छात्र, छात्राओं, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं अभिभावकों व अन्य संबंधित व्यक्तियों के कथनों व उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण कराया गया। प्रधानाचार्य का कार्य शैक्षणिक मानकों के अनुरूप नहीं मिला। आदेश में इस कारण का उल्लेख करते हुए सुशील कुमार त्यागी को कार्यमुक्त करने के आदेश दिए गए हैं।
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शिकायत पर जांच के बाद हटाए गए प्रधानाचार्य: उप श्रमायुक्त
शिकायत पर उप श्रमायुक्त रचना केसरवानी ने हैरानी जताई और कहा कि वह किसी बच्चे के गलत तरीके से नामांकन के लिए कभी दबाव नहीं बनाया। इनकी कुछ शिकायतें थीं, जिन पर जांच कराई गई थी। जांच में पुष्टि होने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी, जिसके आधार पर कार्यवाही हुई है। प्रधानाचार्य सुशील कुमार त्यागी सेवानिवृत्त हैं और 11 महीने के अनुबंध पर यहां रखे गए थे।
वह कमेटी के सामने स्वास्थ्य कारणों से खुद ही एक बार रिजाइन कर दिए थे, बावजूद वह अपनी तैनाती मेरठ में कराना चाहते थे। नवीनीकरण का मामला बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया था। मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों पर आरोप बेबुनियाद है।