ड्यूटी के साथ पढ़ाई कर सिपाहियों ने पास की सब-इंस्पेक्टर परीक्षा, थानों व पुलिस चौकियों में बंटी मिठाई
बस्ती के कई आरक्षियों ने अपनी कड़ी ड्यूटी के बावजूद सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा उत्तीर्ण कर मिसाल कायम की है। उन्होंने थकान और व्यस्तता के बीच पढ़ाई जारी ...और पढ़ें

HighLights
बस्ती के आरक्षियों ने ड्यूटी के साथ सब-इंस्पेक्टर परीक्षा पास की।
कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई जारी रख हासिल की सफलता।
पुलिसकर्मियों की उपलब्धि पर विभाग में जश्न का माहौल।
जागरण संवाददाता, बस्ती। कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो विपरीत परिस्थितियाँ भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हमारे शहर के आरक्षी (कांस्टेबल) ने, जिन्होंने कड़ी ड्यूटी के बीच अपनी पढ़ाई को जारी रखा और सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्दी का मान बढ़ाया है।
ड्यूटी और पढ़ाई का कठिन संतुलन बनाकर सफल आरक्षियों ने कहा कि एक सिपाही के लिए कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा और फील्ड ड्यूटी के बीच अपनी पढ़ाई के लिए समय निकालना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था।
सफल अभ्यर्थियों ने बताया कि जब शहर सो रहा होता था या लोग त्योहारों का आनंद ले रहे होते थे, तब वे अपनी ड्यूटी निभा रहे होते थे। ड्यूटी खत्म करने के बाद थकान के बावजूद उन्होंने अपनी किताबों से नाता नहीं तोड़ा। छावनी थाने पर तैनात सफल आरक्षी हरिनारायन, विशाल शुक्ल, धीरज कुमार व मनीष यादव ने बताया कि ड्यूटी के दौरान कभी-कभी रात भर जागना पड़ता था।
ऐसे में पढ़ाई के लिए समय निकालना सबसे कठिन टास्क था। पैकोलिया थाने में तैनात आरक्षी शिवानी कुमारी, एहितशाम व आदेश कुमार ने कहा कि मन में वर्दी का जुनून और समाज के लिए कुछ बेहतर करने की इच्छा ने कभी हार नहीं मानने दी
रिजल्ट आते ही छाई खुशी की लहर
बुधवार को जैसे ही परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ, इन पुलिसकर्मियों के तैनाती स्थल थानों व पुलिस चौकियों और पुलिस लाइन में जश्न का माहौल बन गया।
अपने चार साथियों को सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित होते देख छावनी एसएचओ राणा डीपी सिंह ने उन्हें मिठाई खिलाकर और फूल माला पहनाकर बधाई दी। चयनित आरक्षियों की आंखें गर्व से नम थीं, क्योंकि उनकी मेहनत का फल आखिरकार मिल ही गया था।
खबरें और भी
हमारे जांबाज पुलिसकर्मियों की सफलता ने न केवल उनके परिवार का गौरव बढ़ाया है, बल्कि विभाग के उन अन्य युवाओं के लिए भी एक मिसाल पेश की है जो सीमित संसाधनों और व्यस्त दिनचर्या के बीच सरकारी नौकरी के सपने देख रहे हैं।ड्यूटी के साथ पढ़ाई करना और फिर परीक्षा में सफलता प्राप्त करना यह साबित करता है कि इच्छाशक्ति के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।
-सत्येन्द्र भूषण तिवारी, सीओ सिटी, बस्ती