बस्ती की 100 दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी ई-ट्राईसाइकिल, आसान होगा पढ़ाई का सफर
सरकार ने दिव्यांग बेटियों के लिए ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है, जिससे वे स्कूल-कॉलेज तक आसानी से पहुंच सकेंगी। बस्ती में 100 दिव्यांग छात्राओं को इस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दिव्यांग बेटियों के लिए ई-ट्राईसाइकिल योजना हुई शुरू।
बस्ती में 100 दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी मुफ्त ई-ट्राईसाइकिल।
स्कूल-कॉलेज तक पढ़ाई का सफर अब होगा आसान।
जागरण संवाददाता, बस्ती। सरकार ने दिव्यांग बेटियों की मुश्किलों को देखते हुए उनके स्कूली सफर को आसान बनाने की पहल की है। इस वर्ष उनके लिए ई-ट्राईसाइकिल योजना प्रारंभ की गई है। योजना के तहत स्कूल, कॉलेज में अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं को निश्शुल्क ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने शैक्षिक संस्थानों तक सुरक्षित व सुगमता से पहुंच सकेंगी।
जिले में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20-20 दिव्यांग छात्राओं यानी कुल 100 को लाभान्वित किया जाना है। प्रदेश सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल- कॉलेज जाने वाली दिव्यांग छात्राओं की पढ़ाई को सुगम बनाने के उद्देश्य से नि:शुल्क ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है।
इसके लिए आवेदन भी शुरू कर दिए हैं। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए छात्रा की आयु न्यूनतम 16 वर्ष होनी चाहिए। वह किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय अथवा महाविद्यालय में अध्ययनरत हो। छात्रा के परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। छात्रा की दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक होनी चाहिए। साथ ही छात्रा के दोनों हाथ पूर्णतः कार्यशील हों, दृष्टि व मानसिक स्थिति सामान्य हो।
कमर का ऊपरी भाग कार्यशील हो, जिससे वह ई-ट्राईसाइकिल का सुरक्षित संचालन कर सके। योजना के अंतर्गत केवल ऐसी पात्र दिव्यांग छात्राएं आवेदन कर सकती हैं, जिन्हें आवेदन की तिथि से पूर्व के पांच वर्षों के दौरान भारत सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, सांसद निधि, विधायक निधि अथवा किसी अन्य सरकारी अनुदानित स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध न कराई गई हो।
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यदि किसी छात्रा को किसी भी सरकारी अनुदानित योजना के अंतर्गत पूर्व के पांच वर्षों में ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त हो चुकी है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तनुज त्रिपाठी ने बताया कि दिव्यांग छात्राओं को लाभान्वित करने के लिए कॉलेजों के प्रधानाचार्य को पत्र भेजा गया है।