बस्ती में सड़क निर्माण फर्जीवाड़ा: एक काम पर दो बार भुगतान, हाईकोर्ट के बाद मजिस्ट्रीयल जांच
बस्ती के बहादुरपुर ब्लॉक के माड़न गांव में एक सड़क निर्माण के लिए दो बार भुगतान का मामला सामने आया है। विधायक निधि से हुए कार्य का ग्राम पंचायत ने नाम ...और पढ़ें

माड़न गांव में विधायक निधि के कार्य पर ग्राम पंचायत ने भी करा लिया भुगतान
HighLights
माड़न गांव में सड़क निर्माण पर दो बार भुगतान।
प्रारंभिक टीएसी जांच में फर्जीवाड़े पर लीपापोती हुई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के हस्तक्षेप पर मजिस्ट्रीयल जांच शुरू।
ब्रजेश पांडेय, बस्ती। बहादुरपुर ब्लाक क्षेत्र के माड़न गांव में सड़क निर्माण के नाम पर दो बार भुगतान ले लिया गया है। पहली जांच में लीपापोती कर दी गई। जब इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई तो आनन-फानन में दूसरी जांच टीम ने एक कार्य में दो भुगतान की पुष्टि कर दी। इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट कृत्तिका ज्योत्सना ने मजिस्ट्रीयल जांच टीम गठित करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित होनी है।
विधायक निधि से यूपी सिडको ने माड़न गांव में 19 अप्रैल 2024 में 550 मीटर खड़ंजा व इंटरलाकिंग का कार्य करीब आठ लाख में कराया है, जिस पर ग्राम पंचायत ने भी नाम बदलकर भुगतान ले लिया है। इन दोनों विवाद के बीच जिला पंचायत ने सड़क को डामर से पेंट करा दिया है।
गांव के लालचंद व जय प्रकाश सिंह ने इसकी शिकायत मंडलायुक्त से की तो उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त को टीएसी टीम का गठन कर जांच के निर्देश दिए। मंडलीय प्राविधिक परीक्षण टीम यानी टीएसी ने एक ही कार्य पर दो निधियों से भुगतान के बजाय गुणवत्ता की जांच कर इसमें लीपापोती कर दिया। अपनी आख्या में 55 हजार 170 रुपये की वसूली रिपोर्ट तैयार कर संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल कुमार द्विवेदी को सौंप दी। फाइल फिर दबी रह गई।
शिकायतकर्ता इस बात से असंतुष्ट रहा और उसने आयुक्त से दोबारा शिकायत कर सही जांच की मांग की। आयुक्त ने दोबारा अधीक्षण अभियंता राप्तीनगर निर्माण मंडल द्वितीय एवं अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड को जांच के लिए आदेशित किया।
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एक सप्ताह में जांच आख्या मांगी गई, लेकिन यह जांच न हो पाने पर शिकायतकर्ता ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में जनहित याचिका दायर कर दी, जिस पर न्यायालय ने आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी सहित सात लोगों को नोटिस जारी कर दिया।
इसके बाद पूर्व में गठित दो सदस्यीय टीम ने अपनी जांच आख्या प्रस्तुत किया, जिसने रिपोर्ट में बताया कि यूपी सिडको बस्ती द्वारा पगार संपर्क मार्ग से पूरा सरहद तक मिट्टी से खड़ंजा निर्माण के नाम पर 19 अप्रैल 2024 को विधायक निधि से कार्य कराया गया है। उसी का नाम बदलकर ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी व ब्लाक के तकनीकी सहायक ने पगार संपर्क मार्ग से राम कृपाल के घर तक खडंजा निर्माण कार्य दिखाकर आठ लाख 15 हजार 190 रुपये का भुगतान कराया है।
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जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों कार्य एक ही हैं, जिसको पहले यूपी सिड़को द्वारा कराया गया है। यह रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी गई है। आयुक्त कार्यालय से यह रिपोर्ट 28 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी बस्ती को भेजी गई है। इधर, न्यायालय के नोटिस के बाद जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।
इस टीम में अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य शामिल हैं। उच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई 15 अप्रैल 2026 को तय की है। इसके पहले रिपोर्ट प्रस्तुत होनी है।इस मामले में पूछे जाने पर संयुक्त विकास आयुक्त निर्मल द्विवेदी ने कहा कि संबंधित प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है।