बस्ती में सरयू का जलस्तर बढ़ते ही सहमे ग्रामीण, माझा क्षेत्र पर दबाव
बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से माझा क्षेत्र के ग्रामीण सहम गए हैं, उन्हें बीते सालों की कटान का डर सता रहा है। हालांकि जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु ...और पढ़ें

विक्रमजोत विकास क्षेत्र के पकड़ी संग्राम के पास अंत्येष्टि स्थल स्थित भवन का अवशेष।- जागरण
HighLights
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण सहमे हुए हैं।
माझा क्षेत्र पर नदी का दबाव, कटान का भय।
कई गांव पहले ही नदी की कटान से प्रभावित हुए।
संवाद सूत्र, विक्रमजोत, (बस्ती)। सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देख ग्रामीण सहम गए हैं। माझा क्षेत्र पर नदी का दबाव है। बीते सालों का भयावह मंजर ग्रामीणाें की नींद उड़ा देता है। वैसे अभी नदी का जलस्तर खतरे से काफी कम है। पर, ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी की कटान का कोई भरोसा नहीं। नदी के रुख भांप पाना मुश्किल है।
विक्रमजोत विकास क्षेत्र में पिछले दस वर्षों में सरयू नदी ने एक दर्जन आबादी वाले गांवों को प्रभावित किया है, जिनमें एक गांव सहजौरा पाठक को पूरी तरह से अस्तित्व विहीन कर दिया और रानीपुर कठवनियां, केशवपुर, मुंडेरीपुर, गौरिया नयन, भरथापुर, कल्यानपुर, चांदपुर, संदलपुर, छतौना मांझा, कन्हईपुर, खेमराजपुर, पकड़ी सूर्यवंश, पकड़ी संग्राम सहित गांवों में सरयू की कटान की बर्बादी का दर्द लोगों में आज भी बना हुआ है।
कल्यानपुर निवासी केशव चंद पाण्डेय बताते हैं कि दस बारह साल पहले नदी उनके गांव से दो किलोमीटर दूर थी और बीच में घनी आबादी वाला सहजौरा गांव था। दोनों गांवों को टेढ़ी नदी अलग करती थी पर अब टेढ़ी नदी सरयू में विलीन है और नदी हमारे घर से पांच मीटर दूरी पर है। कभी हरे भरे लहलहाते खेत व बाग बगीचे थे अब नदी का रेता दिखता है।
भरथापुर निवासी जितेंद्र सिंह बताते हैं कि हमारे गांव में तीन दर्जन से अधिक घर थे और आबादी रहती थी। गांव में कुआँ, काली माता मंदिर सहित रास्ता सब नदी में समा गया। निवासी अलग अलग जगहों पर स्वयं जाकर बस गये। वहीं पकड़ी संग्राम निवासी झिनकाई का कहना है कि बीते साल कटान में उनके गांव में गहरा असर डाला है।
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गांव के किनारे बना एक पक्का मकान, कुआं, बोरिंग व दो रिहायसी झोपड़ियों सहित दर्जन भर पेड़ नदी में विलीन हो गये थे। वहीं पास में दूसरी ग्राम पंचायत का अन्त्येष्टि स्थल का भवन बह गया है। प्रशासन द्वारा गांव को बचाने के लिए कोई ठोस भौतिक कदम नहीं उठाये जा रहे हैं।
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चेतावनी विंदु से 46 सेमी नीचे बह रही नदी
सरयू नदी का जलस्तर चौबीस घंटे में सात सेमी तक बढ़ने के बाद स्थिर हो गया है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के रिपोर्ट के अनुसार नदी का जलस्तर मंगलवार को दिन में तीन बजे 91.27 मीटर रिकार्ड हुआ जो चेतावनी विंदु से 46 सेमी कम रहा। वहीं खतरे का निशान 92.73 मीटर से काफी नीचे है।
नदी का पानी पकड़ी संग्राम सहित माझा क्षेत्र में दबाव बनाने लगा है। जिसको लेकर वहां बसे गांवों की आबादी में कटान व अपने अस्तित्व को खोने का भय बना हुआ है । इस संबंध में जेई गौरव सिंह ने बताया कि अभी कोई समस्यात्मक स्थित नहीं है। पानी का स्तर काफी नीचे है। बाढ़ खण्ड लगातार डेंजर प्वाइंट की निगरानी कर रहा है।