बस्ती में सांप सीटी बजाए तो संभल जाएं, नजदीक है खतरा
बस्ती में रसेल वाइपर सांपों की संख्या बढ़ रही है, जो सीटी बजाने की आवाज के लिए जाने जाते हैं और बेहद जहरीले होते हैं। पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव और ...और पढ़ें

रसेल वाइपर। जागरण
HighLights
रसेल वाइपर सीटी बजाने वाला बेहद खतरनाक जहरीला सांप।
पारिस्थितिकी बदलाव, शिकारियों की कमी से संख्या में वृद्धि।
यह सांप सीधे 30-50 जहरीले बच्चों को जन्म देता है।
संजय विश्वकर्मा, बस्ती। यदि कोई सांप सीटी बजाए तो संभल जाएं, यह रसेल वाइपर हो सकता है। बहुत खतरनाक हैं। थोड़ी सी लापरवाही हुई तो जान पर बन सकती है। इनके रिहायशी इलाकों में आने के मामले बढ़े हैं। पहले जंगलों या नदियों के आस पास दिखने वाले यह सर्प अब आबादी वाले इलाकों में अधिक दिखाई पड़ रहा है, जो चिंता का विषय है।
व्यवसायी अशोक मोदनवाल बताते हैं कि एक दशक पूर्व गनेशपुर कस्बे में लोगों ने एक ऐसे सर्प को पकड़ा, जिसके सीटी बजाने की आवाज काफी दूर तक सुनाई पड़ रही थी। हल्के पीले रंग के इस सर्प के पूरे शरीर पर अजगर जैसा काले रंग का घेरा होता है।
स्थानीय लोगों ने इसे सीटी बजाने वाला सांप कहा, मगर मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने जब इस सर्प को देखा तो लोगों उससे दूर रहने को कहा। बताया कि जिसे वे सीटी बजाने वाला सर्प समझ रहे हैं, वह बेहद जहरीला रसेल वाइपर है। उस समय इक्का दुक्का ऐसे सर्प मिलते थे, लेकिन इन 10 वर्षों में उनकी संख्या इस कदर बढ़ी कि अन्य सर्प कम, वह अधिक दिखाई पड़ने लगे।
क्षेत्रीय वन अधिकारी हर्रैया शारदानंद तिवारी के अनुसार इकोसिस्टम में बदलाव के कारण सर्प को खाने वाले जीवों जैसे चील, बाज, नेवला, जंगली सुअर और गोह आदि की संख्या कम होती जा रही है। प्राकृतिक नियंत्रण खत्म होने से रसेल वाइपर जैसे सर्पो की की आबादी अनियंत्रित हो रही है।
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बताया कि अधिकांश सर्प अंडे देते हैं, लेकिन यह अंडे देने के बजाय सीधे 30 से 50 जहरीले बच्चों को जन्म देते हैं। इससे उनके जीवित रहने की दर बढ़ जाती है। बताया कि अजगर के बच्चे जैसे दिखने वाले रसेल वाइपर को लोग अजगर समझ पकड़ लेते हैं,जिससे वे उनका शिकार हो जाते हैं।
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सबसे खतरनाक जहर
इसका जहर सबसे खतरनाक जहर में से एक है। यह अपने शिकार को एक बार डंस ले तो शिकार का खून गाढ़ा होने लगता है। खून जैलीनुमा जमने लगता है, अंदर खून के थक्के बनने लगते हैं। किडनी और दिल फेल हो सकता है और समय पर इलाज न मिलने पर शिकार की मृत्यु हो सकती है।आमतौर पर यह चूहे, मेंढक, छिपकली और छोटे पक्षियों को खाता है। शिकार को देखते ही यह बिल्कुल स्थिर हो जाता है और मौका पाते ही बिजली की तेजी से वार करता है।
वर्ष वार सर्पदंश के मामले
| 2024 | 218 |
| 2025 | 1022 |
| 2026 | 264 (जून तक) |
इस वर्ष अब तक जिले में 500 के करीब जहरीले सर्पों को पकड़ा है। इनमें से 300 रसेल वाइपर हैं।इनकी संख्या तेजी से जिले में बढ रही है। इस माह चार, सात व 12 जुलाई को रसेल वाइपर पकड़ा है।
-अजय, सर्प मित्र
बाहर से मंगाए गए मोरंग व बालू से इनकी आमद बस्ती में हुई होगी। चूंकि अंडे देने के बजाए यह सीधे बच्चे देते हैं, ऐसे में इनकी संख्या बढ़ने का एक प्रमुख कारण यह भी है। यदि इस प्रकार का सर्प दिखे तो उसे पकड़ने की बजाए वन विभाग को सूचित करें।
-डाॅ. शिरीन, डीएफओ