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बस्ती में खतरे के निशान के पार पहुंचा सरयू का पानी, विक्रमजोत के गांवों पर मंडराया बाढ़ का साया

Published: Fri, 04 Sep 2026 10:35 AM (IST)

बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर पहुँच गया है, जिससे विक्रमजोत क्षेत्र के तटबंध ...और पढ़ें

नदी का पानी बढे तो बाढ का खतरा, कम हो तो कटान का। जागरण

नदी का पानी बढे तो बाढ का खतरा, कम हो तो कटान का। जागरण

HighLights

  1. सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान से 11 सेमी ऊपर।

  2. विक्रमजोत के तटबंध विहीन गांवों में बाढ़ का खतरा।

  3. पशुओं के चारे की किल्लत, कटान से ग्रामीण परेशान।

संवाद सूत्र विक्रमजोत, बस्ती। एक बार फिर सरयू नदी का पानी लाल निशान को पार कर आगे बढता जा रहा है। नदी का पानी गुरुवार को लाल निशान 92.730 मीटर से 11 सेमी ऊपर पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.840 मीटर रिकार्ड किया गया है, जो उच्चतम स्तर से एक मीटर 17 सेमी नीचे है।

वहीं वार्निंग लेबल 91.730 मीटर से एक मीटर 11 सेमी ऊपर है। सरयू नदी में बढ़ रहे पानी को लेकर ग्रामीणों में डर का माहौल है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में नदी किनारे तटबंध विहीन गांवों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। वर्षा के मौसम की दुश्वारियों से जैसे उनका गहरा रिश्ता जुड़ गया है। नदी पानी कम हो तो कटान, बढ़े तो बाढ़ का सामना उनकी नियति बन चुकी है। उससे होने वाली परेशानियों की मार से ग्रामीण हताश व बेबश से नजर आ रहे हैं।

सरयू नदी का पानी अब गांवों में पहुंचने लगा है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र में नदी किनारे बसे एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का संकट फिर मंडराने लगा है। वहीं नदी का पानी बीडी व एलबी तटबंध से सट कर बह रहा है। आपदा प्रभावित गांवों व तटबंध पर पानी दबाव बनाये हुए है।

बीडी तटबंध के अंदर बसे पकड़ी संग्राम और उसके दोनों पुरवों को तटबंध से जोड़ना वाला मुख्य मार्ग पर एक बार फिर बाढ का पानी भरने लगा है। इससे अर्जुनपुर, लकड़ी पांडेय, पकड़ी सूर्यवंश, बेतावा, कन्हईपुर और शंभूपुर तटबंध विहीन गांवों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। गांव में पालतू पशुओं के लिए हरे चारे और भूषा की किल्लत बढ़ गयी है।

बीते पखवारे चरागाह में बाढ का पानी भरने से घास सडकर समाप्त हो गयी है। पशुपालकों का कहना है कि अगर बाढ़ का प्रकोप कुछ दिन ठहरा तो पशुओं के साथ तटबंध पर शरण लेनी पड़ेगी। वहीं पूरे चेतन के पूर्व प्रधान राजवंत दूवे ने बताया का गांव के शंभूपुर आबादी और पंचायत भवन के आसपास पुनः कटान शुरू हो गयी है।

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बाढ़ से बढी परेशानियों की मार से ग्रामीण हताश व लाचार नजर आ रहे हैं। बाढ खंड के अवर अभियंता अतुल कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर हुई बरसात से बैराजों पर दबाव बढ़ने से काफी मात्रा में पानी डिस्चार्ज किया रहा है। जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीडी तटबंध के दो तीन संवेदनशील कटान स्थलों पर कटान रोधी राहत कार्य शुरू कराए गए है।

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