बस्ती में फिर बढ़ने लगा सरयू नदी का जलस्तर, तटबंध किनारे गांवों में बढी परेशानी
बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है, जिससे विक्रमजोत क्षेत्र के तटबंध समीपवर्ती गांवों में परेशानी बढ़ गई है। हालांकि जलस्तर अभी खतरे ...और पढ़ें

तटबंध समीपवर्ती गांवों के लोगों की परेशानी। जागरण
HighLights
सरयू नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है।
तटबंध के पास के गांवों में कटान का डर।
सरकारी संपत्तियों पर भी मंडरा रहा खतरा।
संवाद सूत्र, विक्रमजोत, (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है, जिससे तटबंध समीपवर्ती गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बाढ़ व कटान प्रभावित गांवों के लोगों की जिंदगी जलस्तर के उतार -चढ़ाव से त्रस्त हो गई हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के कर्मी बलराम ने बताया कि नदी का जलस्तर 91.910 पर स्थिर था जो कि शुक्रवार से फिर बढ़ने लगा और सायं पांच बजे चेतावनी बिंदु लेबल 91.730 से 23 सेमी ऊपर 91.960 मीटर रिकार्ड हुआ है। जो कि खतरे निशान से अभी नीचे है।
बताया कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है । सरयू नदी के जलस्तर में कमी व बढ़ोत्तरी के चलते कटान प्रभावित गांवों के लोगों में डर बना हुआ है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र के सरयू नदी तटवर्ती गांवों में रहने वाले लोग जब रोजगार की तलाश में सुबह घर से निकलते हैं तो उन्हें हरपल सरयू के कटान को लेकर चिंता बनी रहती है। शाम तक खेत व घर बचेगा की नहीं। इसके लिए घर पर फोन कर दिनभर हालचाल पूछ रहे हैं।
पकड़ी संग्राम गांव के भगवानदीन कहते हैं कि नदी व घर की दूरी महज कुछ मीटर में रह गई है। कब सरयू मैय्या के कोप का शिकार हो जाएं इस कारण गांव से बाहर जाते डर लगता है । तेज नरायन कहते हैं कि भूमि तो नदी में बह कर रेत में बदल गयीं है।
पूरे चेतन ग्राम पंचायत के शम्भूपुर निवासी विजय बहादुर का कहना है कि नदी किनारे करोड़ों की सरकारी संपत्ति हैं। यदि नदी की कटान को रोका नहीं गया तो गांव का अंत्येष्टि स्थल, आयुष्मान आरोग्य भवन व पंचायत कार्यालय सहित अन्य भवन बने हैं वह सब नदी की कटान में बह जाएंगे।
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इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ बृजेश सोनी ने बताया कि नदी में इस साल अभी तक बहाव कम है , जलस्तर भी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है । थोड़ी बहुत जहां दिक्कतें हैं वहां निगरानी की जा रही है ।