UP में पांचवीं बार बदला भदोही जिले का नाम, अब संत रविदास नगर; गरमाई सियासत
भदोही जिले का नाम पांचवीं बार बदलकर संत रविदास नगर कर दिया गया है, जिससे जिले की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बदलाव किया है, जो ...और पढ़ें

1994 में था भदोही, 1997 में हुआ संत रविदास नगर, 1999 में जुड़ा भदोही। जागरण
HighLights
भदोही जिले का नाम पांचवीं बार बदला गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास नगर किया नाम।
नाम बदलने से जिले की राजनीति में हलचल तेज।
जागरण संवाददाता, भदोही। जिले का पांचवीं बार नाम बदल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जिले के नाम से भदोही शब्द हटाते हुए संत रविदास नगर कर दिया है। नाम बदलते ही जिले की सियासत गर्माने लगी है। 30 जून 1994 को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने काशी नरेश विभूति नारायण की मौजूदगी में जीआइसी मैदान में भदोही को 65वां जिला बनाया था।
लंबे समय से जिला बनाने की मांग लोगों की पूरी हो गई थी लेकिन चार दिसंबर 1997 को पूर्व मुख्यमंंत्री मायावती ने जौनपुर जिले से भदोही में जोड़ी गई बरसठी तहसील को भदोही जिले से हटाकर जौनपुर में शामिल करते हुए भदोही का नाम संत रविदास नगर कर दिया था। भदोही नाम हटने पर फिर से लंबा आंदोलन चला।
1999 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी और पूर्व मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता ने 12 नवंबर 1999 को संत रविदास नगर के साथ भदोही नाम जोड़ दिया। आंदोलन थम गया था। लेकिन सपा की अखिलेश सरकार ने छह दिसंबर 2014 को फिर से इसे भदोही कर दिया। लेकिन कागजों में यह संत रविदास नगर भदोही के नाम से चलता रहा।
29 जुलाई 2026 को संत रविदास नगर हो गया है, इससे जिले की सियासत फिर से गरमा गई है। सत्ता पक्ष के लोग इसे बेहतर तो विपक्ष इसको कोरी राजनीति बता रहा है।
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जिला बनने और नाम को लेकर हुए कई आंदोलन
जिला बनाने को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प. श्यामधर मिश्र, जनसंघ के नेता मुरलीधर पांडेय की अगुुवाई में लंबे समय तक आंदोलन चला था। हालांकि 65वां जिला बनने के बाद लोगों ने राहत ली थी लेकिन जिले का नाम बदलने पर फिर आंदेालन हुआ, तमाम नेता, छात्र नेताओं की गिरफ्तारी हुई, तोड़फोड़ हुई लेकिन जिले का नाम नहीं बदला।
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हालांकि भाजपा की सरकार बनने पर जिले के लोगों ने फिर से आवाज बुलंद की तो नतीजा निकला भदोही का नाम जुड गया था। जिले के लोग इससे संतुष्ट नहीं थे इसी का लाभ सपा ने उठाया और प्रदेश में सत्ता बदलते ही जिले का नाम बदला।