'गर्लफ्रेंड से शादी करवाओ नहीं तो यहीं से कूद जाऊंगा', भदोही में हाई वोल्टेज ड्रामा से पुलिस के छूटे पसीने
भदोही में एक युवक विजय गौतम मोबाइल टावर पर चढ़ गया और अपनी प्रेमिका से शादी कराने की जिद पर अड़ गया। पुलिस और परिवार के समझाने के बावजूद वह नहीं माना, ...और पढ़ें

भदोही में युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा, प्रेमिका से शादी की जिद में चढ़ा टावर पर।
HighLights
युवक विजय गौतम मोबाइल टावर पर चढ़ा।
प्रेमिका से शादी कराने की जिद पर अड़ा।
पुलिस और परिवार समझाने में विफल रहे।
जागरण संवाददाता, भदोही। प्रेम की सावन में पींगें कमजोर पड़ीं तो मोबाइल के टावर पर उम्मीदों ने हरियाली लाई। कुछ ऐसे ही भाव युवक के नजर आए जब शादी की बात पर अड़चन आई तो टावर पर चढ़कर पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी। अब प्रेमिका को बुलाया जाए या टावर से कूदने को आतुर युवक को समझाया जाए। पुलिस के माथे पर पसीना आ गया लेकिन काफी देर तक प्रेम की गुत्थी सुलझ नहीं सकी।
पूरा मामला भदोही जिले में गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के धनापुर दक्षिणी गांव के पास रविवार को सुबह उस समय हलचल मच गई, जब एक युवक विजय गौतम मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने अपनी प्रेमिका से शादी कराने की जिद पकड़ ली, जिससे पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया।
सूचना मिलने पर पुलिस और युवक के परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उसे समझाने-बुझाने का प्रयास करने लगे। विजय गौतम की इस हरकत ने न केवल उसके परिवार बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी चिंतित कर दिया। युवक की शादी की जिद को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगीं, क्योंकि यह मामला दो वर्गों से जुड़ा हुआ था।
पुलिस ने युवक को नीचे उतारने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन विजय अपनी बात पर अड़ा रहा। बताया गया कि उसकी प्रेमिका भी मौके पर मौजूद थी, जिससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई। पुलिस ने समझाया कि इस तरह की हरकतें ठीक नहीं हैं और उन्हें उचित तरीके से समस्या का समाधान करना चाहिए।
खबरें और भी
गांव के लोगों ने भी विजय को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी प्रेमिका से शादी कराने की जिद पर अड़ा रहा। इस घटना ने गांव में एक नई चर्चा को जन्म दिया है, जहां लोग इस प्रेम कहानी और युवक की जिद के बारे में बातें कर रहे हैं।
पुलिस ने काफी मशक्कत की लेकिन देर तक इस समस्या का निराकरण नहीं मिल सका। पुलिस के अनुसार दो वर्गों के बीच का मामला होने से समस्या सामने आ गई है। लेकिन परिवार के बड़े बुजुुुर्ग और करीबी समझाने में दोपहर तक लगे रहे।