गुरुग्राम में करंट लगने से भदोही के राकेश पाल की मौत, घर पहुंचा शव, परिवार में मातम
गुरुग्राम में करंट लगने से चौरी के राकेश पाल की मौत हो गई, जिससे उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया, और अब पर ...और पढ़ें

HighLights
गुरुग्राम में करंट लगने से राकेश पाल की मौत।
शव डोमनपुर गांव पहुंचा, परिवार में गहरा शोक।
परिवार के सामने आर्थिक संकट, सहायता की मांग।
जागरण संवाददाता, चौरी (भदोही)। थाना क्षेत्र के डोमनपुर गांव निवासी राकेश कुमार पाल की गुरुग्राम में करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। रविवार को सुबह गांव में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
जानकारी मिलते ही रिश्तेदार और आस पास लोग जमा हो गए। दोपहर में शव को भोगांव गंगा घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोग शामिल हुए। राकेश कुमार पाल की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट प़डा है।
पत्नी उर्मिला को जहां पति की मौत का भरोसा ही नहीं हो रहा है तो वहीं वृद्ध मां की आंखें पथरा गई हैं। देखते ही देखते राकेश के तीन बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया। 14 वर्षीय बेटे करन और दोनों बेटियों 12 वर्षीय कोमल व 10 वर्षीय अंशिका का रो रोकर बुरा हाल हो गया है।
गांव निवासी स्व. हरिश्चंद्र पाल के तीन बेटों में 38 वर्षीय राकेश कुमार पाल सबसे बडे थे। वह करीब आठ साल से गरुग्राम भोंड़सी थाना क्षेत्र के हरियाहेडा में रहकर काम करते थे। शुक्रवार की शाम कंपनी के ट्राला पर माल लोडकर कहीं जा रहे थे कि ट्राला करंट की चपेट में आ गया।
सूचना मिलते ही मुंबई रह रहे उनके भाई मुकेश पाल गुरुग्राम पहुंच गए। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार को पुलिस ने मुकेश की सुपुर्दगी में दे दिया था। राकेश की असमय मौत होने से स्वजनों को गहरा आघात लगा है।
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बेटा करण परसीपुर स्थित भारतीय इंटर कालेज में दसवीं का छात्र है, जबकि दोनों बेटियां भी गांव स्थित विद्यालय में सातवीं व पांचवीं कक्षा पढ़ती हैं। राकेश की कमाई से ही परिवार का जीविकोपार्जन हो रहा था।
अब परिवार के सामने संकट उत्पन्न हो गया है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप यादव ने प्रशासन से पी़ड़ित आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।